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By: Ravindra Sikarwar

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने नए साल के जश्न से ठीक पहले अवैध शराब की सबसे बड़ी खेप पकड़कर तस्करों को करारा झटका दिया है। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे भोपाल पुलिस की स्पेशल टीम ने गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र के पास नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका। ट्रक में प्लास्टिक के दाने बताकर छिपाई गई करीब 1200 पेटियां अंग्रेजी शराब बरामद हुईं, जिनकी बाजार कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शराब सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह की तलाश तेज कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुजरात में ड्राई स्टेट होने के बावजूद वहां भारी मात्रा में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है और इसके लिए भोपाल को ट्रांजिट पॉइंट बनाया गया है। शराब मध्य प्रदेश के कुछ अवैध कारखानों व गोदामों से लोड की जा रही थी। इसी सूचना पर भोपाल क्राइम ब्रांच और गोविंदपुरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रात से ही शहर के बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर रखी थी। जैसे ही यह ट्रक (नंबर RJ-14-GH-5678) गुजरात की ओर जा रहा था, उसे रोका गया। चालक ने पहले तो प्लास्टिक का दाना बताया, लेकिन संदेह होने पर जब ट्रक की तलाशी ली गई तो ऊपर से प्लास्टिक दाने की हल्की परत के नीचे लकड़ी के फट्टों में छिपाकर शराब की सैकड़ों पेटियां रखी मिलीं।

बरामद शराब में ज्यादातर महंगी विदेशी ब्रांड की बोतलें हैं। प्रत्येक पेटी में 12 क्वार्टर (180 ml) या 48 निप्स (180 ml) की बोतलें थीं। पुलिस का अनुमान है कि यह शराब गुजरात में नए साल के जश्न के लिए भेजी जा रही थी, जहां एक बोतल की कीमत तीन से चार गुना तक वसूली जाती है। जब्त शराब में रॉयल स्टैग, इम्पीरियल ब्लू, ब्लेंडर्स प्राइड, 100 पाइपर्स जैसी लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। पूछताछ में चालक ने बताया कि उसे भोपाल के एक गोदाम से ट्रक लोड कर गुजरात के अहमदाबाद डिलीवरी करने को कहा गया था और इसके लिए उसे 25 हजार रुपए मिलने थे।

भोपाल के पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संतोष मीणा ने बताया कि यह इस साल की सबसे बड़ी शराब की खेप है जो भोपाल में पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी का यह नेटवर्क काफी संगठित है और इसमें मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान व गुजरात के तस्कर शामिल हैं। अभी सिर्फ परत खुली है, असली मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है। पुलिस ने ट्रक को सीज कर दिया है और दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहाँ से लोड हुई और पिछले कुछ महीनों में कितनी खेपें इसी तरह गुजरात पहुँचाई जा चुकी हैं।

नए साल पर शराब की किल्लत को देखते हुए तस्कर पहले से ही सक्रिय हो गए थे। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ डेढ़ करोड़ की अवैध शराब बर्बाद हुई है, बल्कि गुजरात में होने वाली बड़े पैमाने की ब्लैक मार्केटिंग को भी झटका लगा है। शहरवासियों ने पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में भी ऐसी सतर्कता बनी रहेगी, ताकि नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म हो सके। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुँचने का दावा कर रही है।

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