By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर के प्रसिद्ध गजराराजा मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्र यशराज उइके की रहस्यमयी मौत ने अब पूरी तरह नया रुख ले लिया है। पहले इसे सामान्य दुर्घटना या डिप्रेशन के चलते आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस मामले को संदिग्ध हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौत से महज दो मिनट पहले यशराज ने अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया था। यह कॉल अब पूरे केस की कुंजी बन चुकी है। पुलिस ने यशराज का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला है और उसमें कई ऐसे नंबर मिले हैं, जिनसे लगातार बातचीत हो रही थी। इनमें गर्लफ्रेंड का नंबर सबसे ऊपर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आखिरी कॉल में कुछ ऐसा कहा गया होगा, जो इस मौत के पीछे की असल वजह को उजागर कर सकता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात यशराज हॉस्टल के अपने कमरे में अकेले थे। रात करीब ढाई बजे के आसपास उनकी लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। शुरुआती जांच में सुसाइड नोट नहीं मिला और कमरे में कोई संघर्ष के निशान भी नहीं थे, इसलिए मौत को आत्महत्या का रूप दे दिया गया। लेकिन परिजनों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस पर दबाव डाला कि मामले की गहराई से जांच हो। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल फोरेंसिक टीम को लगाया और यशराज के फोन का पूरा डेटा निकलवाया। CDR में जो जानकारी मिली, उसने सभी को हैरान कर दिया। यशराज ने मरने से ठीक 1 बजकर 58 मिनट पर अपनी गर्लफ्रेंड को कॉल किया था और बात कुछ सेकंड तक चली। उसके बाद दो मिनट के अंदर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन दो मिनट में हुआ क्या था। क्या फोन पर कोई ऐसी बात हुई जिसने यशराज को अचानक यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया या फिर कोई और वहां मौजूद था?
अब तक की जांच में पुलिस को यशराज और उनकी गर्लफ्रेंड के बीच पिछले कई महीनों की चैट और कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली है। दोनों के बीच रिलेशनशिप था, लेकिन हाल के दिनों में रिश्ते में खटास आ गई थी। कुछ चैट में झगड़े के संदेश हैं तो कुछ में गर्लफ्रेंड की ओर से धमकी भरे मैसेज भी दिख रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी यह साफ नहीं कर रही कि ये धमकियां कितनी गंभीर थीं। साथ ही यशराज के फोन में कुछ और लड़कियों के नंबर भी मिले हैं, जिनसे देर रात बात होती थी। परिजनों का आरोप है कि यशराज का किसी के साथ अफेयर था और उसी के चलते उनकी हत्या हुई है। वे सीधे-सीधे गर्लफ्रेंड पर शक जता रहे हैं। दूसरी तरफ गर्लफ्रेंड का परिवार इसे साजिश बता रहा है और कह रहा है कि यशराज डिप्रेशन में थे और उन्होंने खुद यह कदम उठाया।
पुलिस ने अब क्राइम सीन को दोबारा रीक्रिएट किया है। घटनास्थल पर वैज्ञानिक और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने हर कोण से जांच की। फांसी का फंदा, उसकी ऊंचाई, शरीर का वजन, गले के निशान – सबकुछ फिर से परखा गया। प्रारंभिक फोरेंसिक रिपोर्ट में गले पर दो तरह के निशान मिले हैं, जिससे संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं पहले गला घोंटा तो नहीं गया और बाद में लाश को लटकाया गया? पुलिस ने गर्लफ्रेंड समेत पांच-सात लोगों को नोटिस थमाया है और पूछताछ शुरू कर दी है। आखिरी कॉल की रिकॉर्डिंग निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ज्यादातर ऐप्स पर वॉइस कॉल रिकॉर्ड नहीं होती, इसलिए पुलिस को सर्विस प्रोवाइडर से डेटा मांगना पड़ रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी विषैले पदार्थ की मौजूदगी नहीं मिली है, जिससे ड्रग्स या जहर का एंगल लगभग खत्म हो गया है।
यह मामला अब सिर्फ एक छात्र की मौत नहीं रह गया है, बल्कि मेडिकल कॉलेजों में बढ़ते तनाव, रिलेशनशिप के दबाव और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर सवाल खड़े कर रहा है। अगर यह हत्या साबित हुई तो ग्वालियर पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती होगी क्योंकि अभी तक कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है और सारा केस सर्कमस्टैंशियल एविडेंस पर टिका है। परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष अपने बचाव में तैयारी कर रहा है। आने वाले कुछ दिनों में अगर आखिरी कॉल की कोई रिकॉर्डिंग या चैट का कोई ठोस सबूत मिला तो यह केस पूरी तरह पलट सकता है। फिलहाल पुलिस हर संभव कोण से जांच कर रही है और जल्द ही कोई बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। यशराज की मौत ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि रिश्तों में जरा सी दरार भी कितनी भयावह हो सकती है।
