By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और भावनात्मक मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने 23 दिनों के भीतर अपने दो सदस्यों को खो दिया। पहले पिता की प्राकृतिक कारणों से मृत्यु हुई और उसके चंद दिनों बाद बेटे ने भी दम तोड़ दिया। हादसा तब हुआ जब युवक अपने रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और अचानक मकान की पहली मंजिल से नीचे गिर गया। गंभीर चोटें आने के बाद वह पिछले नौ दिनों से अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहा था, पर गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उसने अंतिम सांसें ले लीं। यह घटना पूरे परिवार और इलाके के लोगों के लिए गहरा सदमा लेकर आई है, क्योंकि इससे कुछ ही दिनों पहले परिवार अपने मुखिया को खो चुका था।
पहली मंजिल से गिरने का हादसा, नौ दिन चला संघर्ष
घटना 11 नवंबर की सुबह हुरावली इलाके की है। मृतक 35 वर्षीय युवक, जो किसान परिवार से था, अपनी नियमित दिनचर्या बदलते हुए उस दिन अपने एक नाते रिश्तेदार के घर रुक गया। सुबह के समय किसी काम से बाहर निकलते वक्त वह छत या पहली मंजिल से अचानक नीचे गिर पड़ा। गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, जहां युवक को गंभीर हालत में बोलने तक की स्थिति में नहीं पाया गया। तुरंत उसे ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर, पीठ और पैरों में गंभीर चोटें होने की पुष्टि की।
डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत शुरू से ही नाजुक बनी हुई थी। मल्टी-ट्रॉमा इंजरी होने के कारण उसे लगातार वेंटिलेशन और गहन निगरानी में रखा गया। नौ दिनों तक निरंतर उपचार के बावजूद उसके शरीर ने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया और अंततः उसने गुरुवार सुबह दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि हादसे से पहले भी युवक मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था तथा कुछ समय से उसका मनोचिकित्सक से इलाज भी चल रहा था।
23 दिन पहले पिता की हुई थी मौत, परिवार फिर टूट गया
परिवार का दुःख इस वजह से और बढ़ गया क्योंकि युवक के पिता का निधन इसी महीने की शुरुआत में हुआ था। पिता की मृत्यु को अभी 23 दिन ही हुए थे कि अब बेटे को भी खोने का सदमा परिवार पर टूट पड़ा। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि पिता की मौत से युवक काफी आहत था और मानसिक स्थिति स्थिर नहीं थी। वह अक्सर अकेला रहने लगा था और ज्यादा बात नहीं करता था। परिजन उसे समझाने की कोशिश करते रहे कि समय के साथ स्थिति ठीक हो जाएगी, पर हादसे ने उसकी जिंदगी ही छीन ली।
युवक की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक का माहौल फैल गया। अंतिम संस्कार के लिए उसके पार्थिव शरीर को घर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उसे श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पिता–पुत्र की 23 दिनों के भीतर हुई मौत ने परिवार को मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़कर रख दिया है। ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना देते हुए प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग भी की है।
पुलिस कर रही जांच, हादसा या अवसाद से जुड़ा पहलू—खुलासा बाकी
सिरोल थाना पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन युवक की मानसिक स्थिति और अवसाद में रहने के पहलू को देखते हुए पुलिस उसके रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से बयान दर्ज कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि युवक पहली मंजिल से कैसे गिरा—क्या वह अनजाने में फिसलकर गिरा या उसका संतुलन बिगड़ा, या फिर किसी मानसिक तनाव के कारण दुर्घटना हुई।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
ग्वालियर की इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि मानसिक तनाव और अवसाद कितनी गहरी छाप छोड़ सकते हैं। परिवार के दो सदस्यों की अचानक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग लगातार परिवार को सहारा देने पहुंच रहे हैं।
