Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में शुक्रवार सुबह उस समय हंगामा मच गया, जब ‘भवानी हिंदू संगठन’ के कार्यकर्ताओं ने एक फ्लैट में दबिश देकर एक युवक को संदिग्ध हालात में पकड़ा। संगठन के सदस्यों का दावा है कि फ्लैट में मौजूद युवक मुस्लिम समुदाय से है और खुद को छिपाने के लिए उसने अपना नाम बदलकर ‘दीपक यादव’ बताया। पकड़े गए युवक की पहचान दानिश खान के रूप में हुई है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद युवक को थाने ले जाया गया। वहीं फ्लैट में मौजूद युवती हिंदू समुदाय से है, जिसके आधार पर संगठन ने इसे ‘लव-जिहाद’ का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

फ्लैट में दबिश, नाम बदलने का आरोप और पुलिस हस्तक्षेप
घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है, जब संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि इलाके के एक फ्लैट में बाहरी युवक बिना पहचान छिपाए युवती से मिलने आता है। मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने दरवाज़ा खुलवाया और अंदर से युवक को पकड़ा। संगठन के सदस्यों का कहना है कि जब उन्होंने युवक से नाम पूछा, तो उसने पहले खुद को ‘दीपक यादव’ बताया, लेकिन बाद में उसके पहचान पत्र की जांच पर उसका असली नाम दानिश खान सामने आया। संगठन ने आरोप लगाया है कि युवक युवती को गुमराह कर रहा था और लंबे समय से वह गलत पहचान बताकर उससे संपर्क बनाए हुए था।

सूचना मिलते ही अयोध्या नगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवक और युवती दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पूरी जानकारी के किसी को आरोपित या दोषी बताना उचित नहीं है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और मामले की कानूनी परिस्थितियों का मूल्यांकन करने में जुटी है।

लव-जिहाद के आरोप, युवक-युवती के बयान और आगे की जांच
संगठन के सदस्यों ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर युवती के साथ दोस्ती की और यह ‘लव-जिहाद’ का मामला प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि से पहले उचित जांच का रुख अपनाया है। प्राथमिक पूछताछ में युवती ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को सोशल मीडिया के माध्यम से जानते हैं और वह अपनी मर्जी से युवक से मिली थी। वहीं युवक ने भी कहा कि वह युवती का दोस्त है और किसी को गुमराह करने का इरादा नहीं था।

पुलिस अब डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और दोनों के बयानों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि वास्तव में युवक ने पहचान छिपाई थी या नहीं, और क्या युवती को किसी प्रकार का दबाव या गलत जानकारी दी गई थी। साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि संगठन द्वारा दी गई जानकारी कितनी विश्वसनीय है और दबिश के दौरान फ्लैट में कोई अवैध गतिविधि तो नहीं हो रही थी।

फिलहाल पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना प्रमाण के किसी पर गंभीर आरोप न लगाएं और कानून को अपना कार्य करने दें। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच की रिपोर्ट के बाद ही तय की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *