By: Ravindra Sikarwar
अंतरराष्ट्रीय फरार गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद बुधवार, 19 नवंबर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सख़्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया, जहां उससे सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में उसकी भूमिका से लेकर फिरौती, सुपारी किलिंग और विदेशों में फैले धन-हेराफेरी नेटवर्क तक कई गंभीर मुद्दों पर पूछताछ की गई। अनमोल लंबे समय से NIA की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसके खिलाफ भारत में चल रहे मामलों के अलावा विदेशों में बैठे हैंडलर्स से संपर्क, हवाला चैनलों के ज़रिये पैसे के लेन-देन और गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को संचालित करने के आरोप भी हैं। अदालत में पेशी के दौरान एजेंसियों ने रिमांड बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि अनमोल से पूछताछ से गैंग की कई परतें खुल सकती हैं और कई हाई-प्रोफाइल हमलों की साजिशों की कड़ियां सामने आ सकती हैं। कोर्ट ने दलीलों को स्वीकार करते हुए उसे रिमांड पर भेज दिया, जिससे जांच एजेंसियों को उसके डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और गैंग के फंडिंग रूट की गहराई से जांच करने का मौका मिलेगा। प्रारंभिक पूछताछ में, सूत्रों के मुताबिक, अनमोल ने इतना स्वीकार किया है कि वह विदेश में बैठकर गैंग के कई ऑपरेशंस को निर्देश देता था और भारत में सक्रिय सदस्यों के बीच धन और हथियारों का समन्वय भी उसी के माध्यम से होता था। बताया जा रहा है कि उसने कुछ ऐसे नामों और लोकेशंस का ज़िक्र किया है जिनकी पुष्टि होने पर कई पुराने मामलों में भी नए खुलासे संभव हैं, हालांकि एजेंसियों ने इन दावों पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। अनमोल की गिरफ्तारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि गैंग का विदेशी तंत्र मुख्य रूप से उसी के ज़रिये चलता था; उसके पकड़े जाने के बाद हवाला मार्ग, विदेशों में छिपे सहयोगी और गैंग की फंडिंग चेन पर सीधा असर पड़ सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस गिरफ्तारी को बिश्नोई गैंग के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की दिशा में अहम कदम मान रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की रिमांड में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।
