By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश में दो दशक से अधिक समय बाद सरकारी बस सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने नई बस सेवा को ‘जनबस’ नाम दिया है। यह पहल राज्य में सार्वजनिक परिवहन को नयी दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
सरकारी बसों का संचालन अब पुराने राज्य परिवहन निगम (MPSRTC) की बजाय एक नई संस्था ‘यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा। यह कंपनी चरणबद्ध तरीके से प्रदेशभर में बस सेवा का विस्तार करेगी।
पहले चरण में 25 जिलों में शुरू होगी सेवा
सरकार ने योजना के तहत शुरुआती चरण में 25 जिलों में बसें चलाने का निर्णय लिया है। अनुमान है कि अप्रैल से इन जिलों की सड़कों पर लगभग 10 हजार जनबसें दौड़ने लगेंगी। इन बसों का किराया आम यात्रियों की जेब के अनुकूल रखने की तैयारी भी चल रही है।
ग्रामीण और आदिवासी इलाकों को मिलेगी प्राथमिकता
नई बस सेवा का मुख्य फोकस उन इलाकों पर है जहां आज भी परिवहन सुविधाएं सीमित हैं। विशेष रूप से:
- दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र
- आदिवासी बाहुल्य इलाकें
- ऐसे गाँव-खेत जहां निजी बसें या अन्य यातायात सुविधाएं कम पहुंच पाती हैं
सरकार का कहना है कि जनबस इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आने-जाने में बड़ी सुविधा देगी।
यात्री सुविधाएं और मॉडर्न सिस्टम
नयी जनबस सेवा में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी:
- GPS आधारित मॉनिटरिंग
- ऑनलाइन टिकटिंग
- निर्धारित समय सारिणी
- सुरक्षित और आरामदायक सीटिंग
- महिला यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था
राज्य में परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम
अधिकारियों के अनुसार, 21 साल बाद सरकारी बसों की वापसी सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार की बड़ी पहल है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
