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by-Ravindra Sikarwar

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 15 नवंबर तक उत्तर भारत के बड़े हिस्से में शीतलहर का प्रकोप तेज हो जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान प्रमुख रूप से प्रभावित रहेंगे। इन राज्यों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे रातें और सुबहें काफी ठंडी हो जाएंगी।

पहाड़ी इलाकों में स्थिति और गंभीर है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात की संभावना है, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाने से दृश्यता कम होने की आशंका है, जो वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।

राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ स्तर पर बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और श्वास रोगियों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की हिदायत दी है।

दक्षिण भारत की बात करें तो मौसम में कुछ राहत है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। यह वर्षा मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से आने वाले निम्न दबाव क्षेत्र के कारण होगी, लेकिन यह सामान्य से कम तीव्र रहेगी। कृषि कार्यों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर धान की फसल के लिए।

कुल मिलाकर, उत्तर में सर्दी का सितम जारी रहेगा जबकि दक्षिण में मौसम अपेक्षाकृत नरम बना रहेगा। IMD ने सभी क्षेत्रों में मौसम की नियमित निगरानी रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

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