by-Ravindra Sikarwar
वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में 10 नवंबर 2025 को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में शपथ ग्रहण की। उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में विदेश मंत्री मार्को रूबियो, कोष सचिव स्कॉट बेसेंट, अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी और सीनेटर लिंडसे ग्राहम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
38 वर्षीय सर्जियो गोर ट्रंप के करीबी सहयोगी हैं और पहले व्हाइट हाउस में प्रेसिडेंशियल पर्सनल के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। वे ट्रंप के चुनाव अभियान में भी सक्रिय रहे और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ मिलकर विंगिंग टीम पब्लिशिंग कंपनी के सह-संस्थापक हैं, जो ट्रंप की किताबें प्रकाशित करती है। उनका जन्म मूल रूप से उज्बेकिस्तान में सर्गेई गोरोखोव्स्की के नाम से हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने नाम बदलकर सर्जियो गोर कर लिया। परिवार 1999 में अमेरिका आया और वे जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं।
ट्रंप ने समारोह में भारत को “दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक” और “1.5 अरब से अधिक आबादी वाला सबसे बड़ा देश” बताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने गोर पर भरोसा जताते हुए कहा, “सर्जियो रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेंगे, अमेरिकी उद्योगों में निवेश बढ़ाएंगे, ऊर्जा निर्यात को प्रोत्साहित करेंगे और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हमारे शानदार संबंध हैं और सर्जियो इन्हें और गहरा बनाएंगे।”
शपथ लेने के बाद गोर ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह जीवन भर का सम्मान है। मैं दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक हूं।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “भारत में नए अमेरिकी राजदूत बनने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। राष्ट्रपति ट्रंप का आभार, जिन्होंने मुझ पर यह विश्वास जताया।”
गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। अगस्त 2025 में ट्रंप ने उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी, जिसे सीनेट ने अक्टूबर में मंजूरी दी। शपथ से पहले अक्टूबर में गोर भारत आए थे और प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। उन्होंने मोदी की मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए कहा, “इसलिए भारत को इनक्रेडिबल इंडिया कहते हैं।”
भारत में अमेरिका के राजदूत विनय क्वात्रा ने गोर को बधाई दी और नई दिल्ली में उनके कार्यभार संभालने की शुभकामनाएं दीं। गोर जनवरी 2026 में नई दिल्ली पहुंचकर औपचारिक रूप से पद संभालेंगे।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापारिक तनाव चल रहा है। ट्रंप ने टैरिफ कम करने के संकेत दिए हैं और कहा कि दोनों देश एक नए व्यापार समझौते के करीब हैं। गोर ने कहा कि ट्रंप और मोदी के बीच गजब की केमिस्ट्री है, जो संबंधों को आगे बढ़ाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के विश्वसनीय व्यक्ति होने से गोर बातचीत में तेजी ला सकते हैं।
शपथ समारोह के बाद कैनेडी सेंटर में गोर के सम्मान में रिसेप्शन हुआ, जिसमें ट्रंप कैबिनेट के लगभग सभी सदस्य शामिल हुए। यह आयोजन भारत-अमेरिका साझेदारी पर प्रशासन के जोर को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, गोर की नियुक्ति से दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग में नई गति आने की उम्मीद है। वे एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे, जिन्होंने जनवरी 2025 तक पद संभाला था।
