by-Ravindra Sikarwar
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर 48 के सेंट्रल पार्क रिसॉर्ट्स नामक एक आलीशान आवासीय कॉम्प्लेक्स में एक खौफनाक वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया। तीनों कक्षा 11 के किशोरों के बीच दो माह पुरानी स्कूल की लड़ाई के कारण एक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर सहपाठी पर पिता के वैध पिस्तौल से गोली चला दी। यह सनसनीखेज हादसा शनिवार रात लगभग 9:30 बजे एक भाड़े के अपार्टमेंट में घटा, जहां आरोपी ने साथियों को खाने के लालच में बुलाया था। 17 साल के घायल छात्र को गले में गोली लगी है और वह मेदांता अस्पताल में जानबूझकर गंभीर अवस्था में लड़ रहा है। पुलिस ने दो नाबालिग संदिग्धों को पकड़ लिया है, जबकि तीसरा भागा हुआ है। जगह से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 70 गोली के कारतूस जब्त हुए हैं।
तहकीकात में सामने आया कि मुख्य आरोपी, एक रियल एस्टेट ब्रोकर का बेटा, ने अपने साथी की मदद से साजिश रची। तमाम तीनों यदुवंशी स्कूल के विद्यार्थी हैं, जो सोसाइटी के नजदीक है। पीड़ित को पहले खेरकी दौला टोल के पास बुलाया गया, जहां आरोपी ने डिनर का न्योता दिया। फिर, उन्होंने एक और दोस्त को द्वारका एक्सप्रेसवे वाली सोसाइटी से लाया और सब सेक्टर 48 के किराए के फ्लैट पर पहुंचे। वहां पुरानी भिड़ंत पर तकरार भड़क उठी। गुस्से में आरोपी ने पिता की पिस्तौल तान ली और पीड़ित पर फायर कर दिया। गोली गले में धंस गई, जिससे वह खून से लथपथ हो गया।
पीड़ित के मां-बाप ने सदर थाने में एफआईआर कराई। मां ने बयान दिया कि बेटा पहले मना कर रहा था, लेकिन स्कूल मित्र के कॉल पर मान गया। जब वह चोटिल होकर लौटा, तो परिजनों ने फौरन अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों का अनुमान है कि ऑपरेशन ठीक रहा, लेकिन इंफेक्शन व खून बहने से हालात नाजुक हैं। पीड़ित के पिता, जो एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करते हैं, ने दर्द भरी बात कही, “हमारा लाड़ला पढ़ने में तेज था। यह पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। हम सख्त सजा चाहते हैं।”
गुरुग्राम पुलिस ने बीएनएस की धारा 109 (हत्या का इरादा) और हथियार कानून की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने लाया जाएगा। पुलिस आरोपी के पिता से पूछ रही है कि बंदूक बच्चे के कब्जे में कैसे आई। सदर थाने के प्रभारी ने कहा, “सीसीटीवी, फोन लोकेशन और गवाहों के बयानों से जांच हो रही है। तीसरे लड़के की धरपकड़ तेज है। यह वाकया हथियारों की लापरवाही दिखाता है।”
यह हादसा 2007 की घटना की याद ताजा करता है, जब शहर के एक नामी स्कूल में दो कक्षा 8 के बच्चों ने धमकाने के कारण सहकक्षी को स्कूल में ही मार गिराया था। तब भी लाइसेंसी बंदूक का दुरुपयोग हुआ था। गुरुग्राम पुलिस ने असलहा धारकों को चेतावनी दी है कि वे हथियार ताले में बंद रखें और बच्चों से दूर। आरोपी के पिता को अस्थायी हिरासत में ले लिया गया है, और जांच में लॉकबॉक्स की उपलब्धता भी देखी जा रही है।
सोसाइटी के रहिवासियों में भय का माहौल है। एक स्थानीय ने बताया, “यह हाई-एंड फ्लैट्स वाला इलाका है, जहां सुरक्षा का भरोसा था। किशोरों की ऐसी शरारतें डर पैदा कर रही हैं।” जानकारों का कहना है कि स्कूलों में गुस्से पर काबू और परामर्श कार्यक्रम मजबूत करने चाहिए। डीसीपी गुरुग्राम ने कहा, “स्कूलों के सहयोग से जागरूकता बढ़ाएंगे। नाबालिग अपराधों पर पैनी नजर।” तफ्तीश जारी है, अदालत की अगली तारीख 15 नवंबर है।
