by-Ravindra Sikarwar
इंदौर, मध्य प्रदेश: शहर के बांगंगा क्षेत्र में एक दुखद हादसे में 35 वर्षीय एक युवक की जान चली गई। वह मेडिकल स्टोर पर काम करने वाला कर्मचारी था और रूटीन ड्यूटी के बाद घर लौट रहा था। अचानक सीने में तेज दर्द महसूस होने के कारण वह बाइक से गिर पड़ा। स्थानीय निवासियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में हृदयाघात (हार्ट अटैक) का संदेह जताया गया है, जो बिना किसी चेतावनी के हुआ था। परिवार ने शव परीक्षण से इनकार कर दिया है, जिससे पुलिस को आगे की जांच में कठिनाई हो रही है।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ और कैसे
घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब मृतक—जिनका नाम अभी गोपनीय रखा गया है—अपनी बाइक पर बांगंगा मुख्य सड़क से गुजर रहा था। वह इंदौर के एक प्रमुख मेडिकल स्टोर में सेल्समैन के रूप में कार्यरत था और दैनिक लक्ष्य पूरा करने के बाद वह घर की ओर जा रहा था। सड़क पर सामान्य ट्रैफिक था, लेकिन अचानक वह बाइक से नियंत्रण खो बैठा और बीच सड़क पर गिर गया। चश्मदीदों के अनुसार, वह बाइक चलाते-चलाते अचानक झुक गया, जैसे कोई तेज दर्द हो रहा हो, और फिर सड़क पर लेट गया। आसपास के लोग तुरंत दौड़े और एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस पहुंचने में मात्र 5-7 मिनट लगे, लेकिन अस्पताल ले जाते समय ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।
सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि हादसे से ठीक पहले वह सामान्य गति से बाइक चला रहा था। कोई वाहन दुर्घटना या बाहरी टकराव नहीं हुआ था। डॉक्टरों ने बताया कि यह “साइलेंट हार्ट अटैक” का मामला प्रतीत होता है, जिसमें छाती में दर्द या अन्य स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। मृतक शारीरिक रूप से सक्रिय था—वह रोजाना 10-12 किलोमीटर साइकिलिंग करता था और स्वस्थ जीवनशैली अपनाता था—फिर भी यह घटना हुई। पुलिस ने मामला संदिग्ध मौत के रूप में दर्ज किया है और परिजनों से पूछताछ की है।
मृतक के बारे में: एक सामान्य जीवन की दर्दनाक अंतिम यात्रा
मृतक इंदौर के बांगंगा इलाके का निवासी था, जहां वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ रहता था। वह पिछले 8 वर्षों से मेडिकल स्टोर में नौकरी कर रहा था, जहां उसकी ईमानदारी और मेहनत के लिए सभी सहकर्मी प्रशंसा करते थे। स्टोर मालिक ने बताया कि वह सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक काम करता था और कभी कोई स्वास्थ्य समस्या की शिकायत नहीं की। उसके परिवार का कहना है कि वह तनावग्रस्त था क्योंकि हाल ही में स्टोर का टारगेट बढ़ा था, लेकिन कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। वह उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर से इंदौर आया था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला था।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि मृतक को हाई ब्लड प्रेशर की हल्की समस्या थी, लेकिन वह नियमित दवाएं लेता था। उसके दो बच्चे—एक 8 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी—अभी स्कूल जाते हैं। पत्नी ने रोते हुए कहा, “वह हमेशा बच्चों के लिए सपने देखता था, अब कौन संभालेगा?” अंतिम संस्कार उसी शाम बांगंगा कब्रिस्तान में कर दिया गया। स्थानीय विधायक ने परिवार को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता का वादा किया है।
साइलेंट हार्ट अटैक: क्या है यह और क्यों हो रहा है बढ़ता मामला?
चिकित्सकों के अनुसार, साइलेंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (SMI) या साइलेंट हार्ट अटैक वह स्थिति है जिसमें हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति रुक जाती है, लेकिन मरीज को छाती में दर्द या सांस फूलने जैसे स्पष्ट लक्षण नहीं महसूस होते। इसके बजाय, हल्का थकान, अपच या कंधे में दर्द जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जो नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। इंदौर के एक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश शर्मा ने बताया, “यह 30-40 वर्ष की आयु वर्ग में तेजी से बढ़ रहा है। कोविड-19 महामारी के बाद ऐसे मामले 20-30% तक बढ़ गए हैं। कारणों में तनाव, अस्वास्थ्यकर भोजन, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता शामिल हैं।”
मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में हार्ट अटैक से मौतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2023 में राज्य में 15,000 से अधिक हृदय संबंधी मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 40% 40 वर्ष से कम आयु के लोगों की थीं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि युवाओं को नियमित ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल चेकअप कराना चाहिए। लक्षण दिखने पर तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। यह घटना एक बार फिर जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देती है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
इंदौर पुलिस के थाना बांगंगा प्रभारी ने बताया कि मामला धारा 174 CrPC (संदिग्ध मौत) के तहत दर्ज किया गया है। चूंकि परिवार ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया, इसलिए विस्तृत जांच नहीं हो सकी। हालांकि, स्टोर के रिकॉर्ड और मेडिकल हिस्ट्री की जांच जारी है। स्थानीय एसडीएम ने परिवार को सरकारी सहायता योजना के तहत पेंशन और शिक्षा सहायता का आश्वासन दिया है। यह घटना क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की मांग को बल दे रही है।
यह दुखद घटना न केवल एक परिवार को orphan कर गई, बल्कि समाज को हृदय स्वास्थ्य की अनदेखी के खतरों की याद दिला गई। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां युवा कार्यबल तेजी से बढ़ रहा है, ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं।
