by-Ravindra Sikarwar
उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर के पॉश इलाके सेक्टर-108 में गुरुवार, 6 नवंबर 2025 की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को सिहरा दिया। एक स्थानीय नाले में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव तैरता हुआ मिला, जिसमें सिर और दोनों हाथ काट दिए गए थे। शव नग्न अवस्था में था, जो अपराधियों की क्रूरता और पहचान छिपाने की कोशिश को दर्शाता है। यह खोज सुबह के समय एक राहगीर ने की, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि महिला की हत्या कहीं और की गई और फिर शव को नाले में फेंक दिया गया। यह मामला न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि नोएडा जैसे विकसित शहरों में भी अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है। आइए इस भयावह घटना की पूरी पृष्ठभूमि, खोज के विवरण, पुलिस कार्रवाई और संभावित कारणों पर विस्तार से चर्चा करें।
घटना का पूरा विवरण: एक सामान्य सुबह का डरावना मोड़
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-108 के एक एकांतवासी नाले में यह भयानक खोज दोपहर करीब 12 बजे हुई। नाला लगभग 8 फीट गहरा है, और शव उसमें तैरता हुआ दिखाई दिया। एक सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति ने सबसे पहले शव को नोटिस किया और तुरंत इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची, और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला गया।
शव की स्थिति बेहद भयावह थी, महिला का सिर पूरी तरह गायब था, जबकि दोनों हाथ कलाई से काट दिए गए थे। शरीर पर कोई वस्त्र नहीं था, और क्षत-विक्षत निशान बताते हैं कि हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई। अनुमानित उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है, लेकिन पहचान छिपाने के लिए किए गए कटावों के कारण तत्काल पहचान मुश्किल हो रही है। शव को तुरंत पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया, और घटनास्थल पर पंचनामा भरकर साक्ष्य संग्रह किया गया। इलाके को सील कर दिया गया है, और आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई है। कई लोग अब रात में अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई: तीन विशेष टीमें गठित
नोएडा के अतिरिक्त डीसीपी ने घटना की पुष्टि करते हुए एक आधिकारिक वीडियो बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि “आज 6 नवंबर 2025 को सेक्टर-82 कट के पास नाले में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और शव को कब्जे में ले लिया।” उन्होंने आगे बताया कि पोस्टमॉर्टम और पंचनामा प्रक्रिया चल रही है, जबकि पीड़िता की पहचान के लिए तीन विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अब निम्नलिखित दिशाओं पर काम कर रही है:
- सीसीटीवी फुटेज की जांच: नाले के आसपास और एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, ताकि शव फेंकने वाले संदिग्धों का पता लगाया जा सके।
- लापता महिलाओं के रिकॉर्ड: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों (जैसे गाजियाबाद, दिल्ली) में हाल के लापता मामलों की तुलना की जा रही है। अभी तक कोई मेल नहीं खाया है।
- फॉरेंसिक विश्लेषण: शव पर मिले डीएनए सैंपल, रक्त के धब्बे और कटाव के निशानों से हत्या के तरीके का पता लगाया जाएगा। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत गला घोंटने या चाकू के वार से हुई प्रतीत होती है।
- साक्ष्य संग्रह: नाले के पानी के सैंपल और आसपास की मिट्टी की जांच की जा रही है, ताकि शव कब और कहां से फेंका गया, इसका अनुमान लगाया जा सके।
पुलिस का मानना है कि अपराधी ने जानबूझकर सिर और हाथ काटे, क्योंकि इनसे पहचान (जैसे चेहरा या उंगलियों के निशान) आसानी से हो जाती। हत्या कहीं और हुई और शव को रात के अंधेरे में नाले में ठूंस दिया गया। एसएसपी ने कहा, “हम जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ लेंगे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।”
संभावित कारण और जांच के एंगल:
प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है, जिसमें व्यक्तिगत दुश्मनी या यौन शोषण की आशंका है। नोएडा जैसे औद्योगिक और आवासीय शहर में ऐसी घटनाएं अक्सर फैक्ट्री मजदूरों, घरेलू कामगारों या प्रवासी महिलाओं से जुड़ी पाई जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी ने पहचान छिपाने के लिए शरीर को नग्न छोड़ दिया, ताकि डीएनए या कपड़ों से कोई सुराग न मिले।
कुछ स्थानीय स्रोतों के अनुसार, सेक्टर-108 में हाल ही में कुछ लापता महिलाओं की शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनकी जांच चल रही है। पुलिस अब एनजीओ और महिला हेल्पलाइनों से संपर्क कर रही है। यदि पोस्टमॉर्टम में बलात्कार या यौन हिंसा के निशान मिले, तो मामला और जटिल हो जाएगा। नोएडा में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 2024 में 15% बढ़ी है, जो इस घटना को और चिंताजनक बनाती है।
इलाके में फैला डर: निवासियों की प्रतिक्रिया
सेक्टर-108 एक उच्च वर्गीय आवासीय क्षेत्र है, जहां कई आईटी प्रोफेशनल और परिवार रहते हैं। घटना के बाद निवासियों ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर की। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यहां हम सुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन अब डर लगता है। क्या कोई भी सुरक्षित नहीं?” आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) ने पुलिस से अतिरिक्त सीसीटीवी और गश्त की मांग की है। कई महिलाओं ने अब अकेले सैर न करने का फैसला किया है।
यह घटना नोएडा को एक बार फिर हेडलाइंस में ला खड़ी हुई है, जहां पहले भी कई क्रूर हत्याओं के मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण के साथ अपराध बढ़ रहे हैं, और पुलिस को तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा।
न्याय की मांग और सबक:
यह दर्दनाक घटना न केवल एक अज्ञात महिला की जिंदगी का अंत है, बल्कि समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर एक कड़ा सवाल भी। पुलिस की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं, और उम्मीद है कि जल्द ही पीड़िता की पहचान हो जाएगी तथा आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन यह मामला हमें याद दिलाता है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता, सख्त कानून प्रवर्तन और सामुदायिक सहयोग कितना जरूरी है। यदि आपको कोई सुराग मिले, तो तुरंत 112 पर कॉल करें। नोएडा पुलिस ने अपील की है कि कोई भी जानकारी छिपाई न जाए। यह घटना एक चेतावनी है – अपराधियों को सजा मिलनी ही चाहिए, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
