by-Ravindra Sikarwar
अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स) ने हाल ही में अपनी कार्यबल में व्यापक कटौती की योजना का खुलासा किया है, जिसमें हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। यह कदम कंपनी की लागत कम करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। 2025 के वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यह घोषणा की गई है, जो वैश्विक आर्थिक मंदी और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आई है।
पृष्ठभूमि और कारण:
आईबीएम, जो 1911 में स्थापित हुई थी, लंबे समय से हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और परामर्श सेवाओं में अग्रणी रही है। हालांकि, हाल के वर्षों में कंपनी ने अपनी पारंपरिक व्यवसाय इकाइयों में चुनौतियों का सामना किया है, जैसे कि मुख्यफ्रेम कंप्यूटिंग और कुछ पुरानी सॉफ्टवेयर सेवाओं में गिरावट। कंपनी के सीईओ अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह छंटनी “कुशलता बढ़ाने और नवाचार पर निवेश” के लिए आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, आईबीएम का फोकस अब एआई-आधारित समाधानों, जैसे वाटसन प्लेटफॉर्म, और हाइब्रिड क्लाउड सेवाओं पर शिफ्ट हो रहा है, जहां विकास की संभावनाएं अधिक हैं।
इस निर्णय के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं:
- आर्थिक दबाव: वैश्विक मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में वृद्धि ने आईटी खर्चों को प्रभावित किया है। ग्राहक कंपनियां अपने बजट को सिकोड़ रही हैं, जिससे आईबीएम जैसे प्रदाताओं पर दबाव पड़ रहा है।
- प्रतिस्पर्धा: अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर और गूगल क्लाउड जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर। आईबीएम को अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए तेजी से बदलाव की जरूरत है।
- एआई क्रांति: कंपनी ने 2024 में एआई पर अरबों डॉलर निवेश किया, लेकिन पुरानी टीमों को नए कौशलों से मेल खाने में कठिनाई हो रही है। छंटनी से बचाए गए धन का उपयोग नए टैलेंट को हायर करने में किया जाएगा।
छंटनी का दायरा और प्रभाव:
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर 3,900 से अधिक नौकरियों की कटौती की पुष्टि की है, लेकिन अनौपचारिक अनुमानों के अनुसार यह संख्या 8,000 तक पहुंच सकती है। यह छंटनी मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और यूरोप में फैली हुई है, जहां आईबीएम के बड़े कार्यालय हैं। भारत में, जहां कंपनी के लगभग 1,20,000 कर्मचारी हैं (रेड हेट और केंटारा जैसी अधिग्रहणों के बाद), सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और सपोर्ट टीमों पर सबसे अधिक असर पड़ने की संभावना है।
कर्मचारियों पर प्रभाव:
- वित्तीय सहायता: प्रभावित कर्मचारियों को 6 महीने का वेतन, स्वास्थ्य बीमा और पुनर्वास सहायता प्रदान की जाएगी।
- भावनात्मक और सामाजिक प्रभाव: यह कदम कर्मचारी नैतिकता को प्रभावित कर सकता है और तकनीकी क्षेत्र में बेरोजगारी को बढ़ा सकता है। ट्रेड यूनियनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
- शेयर बाजार की प्रतिक्रिया: घोषणा के बाद आईबीएम के शेयरों में 2% की गिरावट आई, लेकिन लंबी अवधि में एआई फोकस से सुधार की उम्मीद है।
आईबीएम की भविष्य की योजना:
यह छंटनी कंपनी की “लेट्स क्रिएट” पहल का हिस्सा है, जो 2023 में शुरू हुई थी। आईबीएम ने वादा किया है कि:
- 2025 तक 1,000 नए एआई विशेषज्ञों को हायर करेगी।
- रेड हेट ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म को मजबूत करेगी।
- सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर जोर, जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग में निवेश।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आईबीएम को अधिक चुस्त और लाभदायक बनाएगा, लेकिन यह कॉर्पोरेट अमेरिका में व्यापक ट्रेंड को दर्शाता है, जहां माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियां भी इसी तरह की कार्रवाई कर रही हैं। कर्मचारियों से अपील की जा रही है कि वे अपनी स्किल्स को अपग्रेड करें, ताकि बदलते बाजार में बने रहें।
यह घटना तकनीकी उद्योग में परिवर्तन की गति को रेखांकित करती है, जहां पुरानी भूमिकाएं समाप्त हो रही हैं और नई संभावनाएं उभर रही हैं। आईबीएम के नेतृत्व को उम्मीद है कि यह निर्णय कंपनी को अगले दशक के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।
