by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को उनकी उत्कृष्ट कृतियों के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किए गए इन पुरस्कारों में मलयालम सिनेमा के प्रतीक मोहनलाल को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया, जबकि विक्की कौशल अभिनीत बायोपिक ‘सैम बहादुर’ को सर्वश्रेष्ठ मेकअप श्रेणी में पुरस्कार मिला। यह समारोह 2023 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों और कलाकारों को समर्पित था, जिसमें क्षेत्रीय और मुख्यधारा दोनों सिनेमाओं का शानदार प्रदर्शन हुआ।
मोहनलाल का दादासाहेब फाल्के सम्मान: एक ऐतिहासिक क्षण
मलयालम सिनेमा के ‘ललेट्टन’ के नाम से मशहूर मोहनलाल को उनके 50 वर्षों के लंबे करियर के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। 1960 में जन्मे इस अभिनेता ने अब तक 360 से अधिक फिल्मों में काम किया है, जिसमें उन्होंने सैनिक, राजा, कवि और आम आदमी जैसे विविध किरदारों को जीवंत किया। उनका सफर 1980 के दशक में ‘मणिचित्रथाज़’ जैसी फिल्मों से शुरू हुआ और ‘दृश्यम’, ‘किरीडम’, ‘भारतम्’ तथा ‘वानप्रस्थम’ जैसी कृतियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
इस पुरस्कार को प्राप्त करते हुए मोहनलाल ने कहा, “यह क्षण केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरे मलयालम सिनेमा उद्योग का है।” समारोह में उन्हें खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट मिली, और शाहरुख खान के साथ उनका गर्मजोशी भरा आलिंगन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए उन्हें “बहुमुखी प्रतिभा का प्रतीक” और “केरल संस्कृति का दूत” बताया। यह पुरस्कार स्वर्ण कमल पदक, शॉल और 10 लाख रुपये नकद राशि के साथ आता है। मोहनलाल पहले ही पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2019) से सम्मानित हो चुके हैं, और वे केरल से इस सम्मान को पाने वाले दूसरे व्यक्ति हैं—पहले केरल के थे आदि गौपालकृष्णन (2006)।
‘सैम बहादुर’ की जीत: तकनीकी उत्कृष्टता का प्रमाण
मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित ‘सैम बहादुर’ ने राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा और सर्वश्रेष्ठ मेकअप जैसे तीन महत्वपूर्ण पुरस्कार जीते। यह फिल्म भारत के प्रथम फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की जीवनी पर आधारित है, जिसमें विक्की कौशल ने मुख्य भूमिका निभाई।
सर्वश्रेष्ठ मेकअप पुरस्कार श्रीकांत जगन्नाथ देसाई को प्रदान किया गया, जिन्होंने ऐतिहासिक सटीकता के साथ मानेकशॉ के चेहरे को चित्रित किया। फिल्म की वेशभूषा डिजाइन डिव्या गंभीर और निधि गंभीर को मिली, जो युद्धकालीन वर्दी और सैन्य परिधानों की बारीकियां दर्शाती है। निर्माता रॉनी स्क्रूवाला की RSVP मूवीज ने इस उपलब्धि पर उत्साह व्यक्त किया, और मेघना गुलजार ने पुरस्कार प्राप्त करते हुए कहा, “यह फिल्म साहस और नेतृत्व की कहानी है, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देती है।” फिल्म ने दर्शकों को इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ तकनीकी नवाचारों का भी प्रदर्शन किया।
समारोह की झलकियां और अन्य प्रमुख विजेता:
विज्ञान भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और फिल्म निर्माता अशुतोष गोवारीकर भी उपस्थित थे। विजेताओं की घोषणा 1 अगस्त, 2025 को हो चुकी थी, लेकिन पुरस्कार वितरण ने सिनेमा प्रेमियों को रोमांचित कर दिया। अन्य उल्लेखनीय विजेताओं में शामिल हैं:
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: शाहरुख खान (‘जवान’) और विक्रांत मassey (’12वीं फेल’)—शाहरुख को उनके 30 वर्षों के करियर में पहला राष्ट्रीय पुरस्कार।
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: रानी मुखर्जी (‘मिसेज चटर्जी बनाम नॉर्वे’)।
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (करण जौहर)।
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: ‘द केरल स्टोरी’ (सुदीप्तो सेन)।
- क्षेत्रीय सिनेमा: ‘कठल’ (सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म), ‘भगवंत केसरी’ (सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म), और ‘पार्किंग’ (सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म)।
समारोह का प्रसारण डीडी नेशनल और यूट्यूब पर लाइव दिखाया गया, जहां दर्शकों ने विविधता और उत्कृष्टता का जश्न मनाया। यह आयोजन भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत को रेखांकित करता है, जो भाषाओं और शैलियों की सीमाओं से परे फैला हुआ है। मोहनलाल और ‘सैम बहादुर’ की जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हैं, बल्कि उद्योग की प्रगति का प्रतीक भी हैं।
