By: Ravindra Sikarwar
झांसी मंडल के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर अगले 45 दिनों के लिए बड़े पैमाने पर ब्लॉक घोषित किया गया है, जिसका सीधा प्रभाव ग्वालियर होकर चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने निर्माण और तकनीकी उन्नयन कार्यों के चलते छह प्रमुख ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली और झांसी के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस का संचालन भी आंशिक रूप से बदला गया है। अब यह ट्रेन झांसी की बजाय ग्वालियर स्टेशन से शुरू होगी, जिससे आसपास के यात्रियों को नई यात्रा व्यवस्था के अनुरूप अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ेगा। इस ब्लॉक का मुख्य उद्देश्य झांसी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बने पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसकी जगह आधुनिक गिट्टी रहित ट्रैक बिछाना है, ताकि भविष्य में तेज गति वाली ट्रेनों का संचालन सुगमता और सुरक्षा के साथ किया जा सके।
गिट्टी रहित ट्रैक का निर्माण, क्यों जरूरी है यह काम?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार झांसी स्टेशन पर किया जा रहा यह मेगा ब्लॉक सामान्य रखरखाव से कहीं बड़ा और महत्वपूर्ण है। प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर मौजूद वॉशेबल एप्रन कई वर्षों से उपयोग में है और ट्रेन यातायात में वृद्धि के बाद इसकी क्षमता पिछड़ने लगी थी। इसी कारण रेलवे ने इसे हटाकर गिट्टी रहित ट्रैक (ballastless track) की स्थापना का निर्णय लिया, जो आधुनिक रेलवे तकनीक का हिस्सा है। इस तरह के ट्रैक न केवल अधिक टिकाऊ होते हैं बल्कि तेज गति वाली ट्रेनों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। निर्माण कार्य के दौरान भारी मशीनों, विशेष क्रेनों और तकनीकी टीमों की आवश्यकता होती है, इसलिए रेलवे को यह लंबा ब्लॉक लेना पड़ा। अधिकारी बताते हैं कि अगर यह काम बिना ब्लॉक के किया जाता तो दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता था और कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित होती। इस कारण यात्रियों की असुविधा के बावजूद रेलवे ने सुरक्षा और भविष्य की क्षमता को प्राथमिकता दी है।
ट्रेनों की रद्दीकरण सूची और ताज एक्सप्रेस के संचालन में बड़ा बदलाव
ब्लॉक के दौरान छह प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, जिनमें ग्वालियर होकर झांसी तथा आसपास के विभिन्न शहरों में जाने वाली नियमित ट्रेनें शामिल हैं। रद्द की गई इन ट्रेनों का संचालन 45 दिनों तक प्रभावित रहेगा और रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लें। वहीं सबसे बड़ा बदलाव ताज एक्सप्रेस के संचालन में किया गया है। यह ट्रेन पहले झांसी से रवाना होती थी, लेकिन अब अस्थायी तौर पर इसे ग्वालियर से चलाया जाएगा। इसका अर्थ है कि जो यात्री झांसी से ताज एक्सप्रेस पकड़ते थे, उन्हें अब ग्वालियर स्टेशन पहुंचना होगा। रेलवे ने ग्वालियर स्टेशन पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके अलावा, रेलवे ने बताया कि कार्य की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रयास रहेगा कि ब्लॉक अवधि में देरी न हो। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टिकट बुकिंग, समय सारिणी और प्लेटफॉर्म जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक माध्यमों पर नजर बनाए रखें। झांसी स्टेशन पर चल रहा यह उन्नयन कार्य पश्चिम-मध्य रेलवे की बड़ी परियोजनाओं में से एक है, और इसके पूर्ण होने के बाद झांसी–ग्वालियर–दिल्ली मार्ग पर ट्रेनों की गति और क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा। यात्रियों को अभी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे का दावा है कि यह निवेश भविष्य में सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का मार्ग प्रशस्त करेगा।
