by-Ravindra Sikarwar
केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
महंगाई से राहत देने का प्रयास:
यह बढ़ोतरी महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए की गई है। बढ़ी हुई दरों का लाभ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। संशोधित दरें जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी और इसका भुगतान आगामी महीनों में किया जाएगा।
कितने कर्मचारी और पेंशनर होंगे लाभान्वित:
सरकार के इस निर्णय से लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और करीब 67 लाख पेंशनभोगी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर यह फैसला 1.15 करोड़ से अधिक लोगों को राहत पहुंचाएगा।
त्योहारी सीजन से पहले राहत:
त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार का यह कदम खास अहमियत रखता है। कर्मचारियों और पेंशनरों को इससे अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा। अनुमान है कि बढ़ोतरी से हर महीने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय में औसतन 2,000 से 6,000 रुपये तक का इजाफा होगा, जो उनके वेतनमान और पेंशन राशि पर निर्भर करेगा।
सरकारी खजाने पर बोझ:
महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि से सरकार पर सालाना लगभग 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह खर्च कर्मचारियों और पेंशनरों की वित्तीय स्थिरता और महंगाई के दबाव को कम करने में मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष:
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह फैसला न केवल आर्थिक राहत लेकर आया है बल्कि यह त्योहारी मौसम को और खुशहाल बनाने में भी मदद करेगा। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच सरकार का यह कदम कर्मचारियों और रिटायर्ड व्यक्तियों के जीवन स्तर को बनाए रखने में सहायक होगा।
