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by-Ravindra Sikarwar

जबलपुर: हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 19 रेस घोड़ों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। इस मामले में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घोड़ों को क्रूरतापूर्ण तरीके से लाया गया और उन्हें सही से रहने की जगह भी नहीं दी गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई।

पूरी घटना:
यह दुखद घटना तब सामने आई जब हैदराबाद से जबलपुर लाए गए कुल 19 घोड़ों की मौत हो गई। इन घोड़ों को रेसिंग के लिए लाया गया था। पशु अधिकार संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की। उनकी शिकायत के अनुसार, घोड़ों को जिस तरह से एक शहर से दूसरे शहर ले जाया गया, वह बेहद अमानवीय था। उन्हें लंबे सफर के दौरान न तो पर्याप्त खाना-पानी दिया गया और न ही उचित देखभाल मिली।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि जबलपुर पहुंचने के बाद इन घोड़ों को जिस जगह पर रखा गया, वह उनके रहने के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं थी। खराब मौसम और अनुचित shelter (आश्रय) ने उनकी हालत और बिगाड़ दी, जिससे उनकी जान चली गई।

जांच और कानूनी कार्रवाई:
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से मिली शिकायत के बाद, जबलपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। अज्ञात व्यक्तियों और घोड़ों के handlers के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन घोड़ों की मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है।

पुलिस ने बताया कि वे घोड़ों के मालिक और उन्हें transport करने वाली कंपनी से भी पूछताछ करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर जानवरों के प्रति क्रूरता के मुद्दे को सामने ला दिया है और यह दिखाता है कि कैसे मुनाफे के लालच में पशुओं के जीवन से खिलवाड़ किया जाता है।

प्रमुख बिंदु:

  • जगह: घटना जबलपुर में हुई, जहां घोड़ों को हैदराबाद से लाया गया था।
  • मृत घोड़ों की संख्या: कुल 19 रेस घोड़ों की मौत हुई।
  • आरोप: पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि घोड़ों की मौत क्रूरतापूर्ण transportation और अपर्याप्त shelter के कारण हुई।
  • कार्रवाई: पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।

इस घटना से पशु कल्याण से जुड़े संगठन और लोग काफी गुस्से में हैं और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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