सतना। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सतना शहर से लगे दर्जनों गांवों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। देर रात से जारी बारिश के चलते सेमरावल, टमस और सतना नदी समेत कई छोटे पुल, नाले और रपटे उफान पर हैं। हालात को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
कई इलाकों में पानी ही पानी
लगातार बारिश का असर जिले के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी, मझगवां क्षेत्र में पयस्विनी नदी और सेमरावल नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बिरसिंहपुर, मझगवां, नागौद, जैतवारा और कुआं सोहास सहित कई गांवों में पानी भरने की सूचना है।
चित्रकूट में फिर बढ़ी चिंता
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों के घरों और गृहस्थी का सामान पानी में बह गया था, जिसके चलते कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे का काम भी जारी है।
प्रशासन अलर्ट, रेस्क्यू टीम तैयार
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन का अमला चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के आसपास लगातार निगरानी कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल, भोजन और प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीमों को भी तैयार रखा गया है।
तीन दिनों में दर्ज हुई बारिश
जिले में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अगस्त को औसतन 73.6 मिलीमीटर, 30 अगस्त को 21.9 मिलीमीटर और 31 अगस्त को 23.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले तीन से चार दिनों के दौरान भी भारी बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, पुल और रपटों के आसपास जाने से बचने तथा जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
