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by-Ravindra Sikarwar

11 नवंबर 2025 को बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की शुरुआत हो गई है। यह चरण राज्य की आधी सीटों का फैसला करेगा, जहां 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई और शाम 5 बजे तक चलेगी। कुल 3.7 करोड़ पंजीकृत मतदाता (1.95 करोड़ पुरुष, 1.74 करोड़ महिलाएं और 943 तीसरे लिंग के) 45,399 मतदान केंद्रों पर भाग लेंगे। इस चरण में 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 136 महिलाएं और एक तीसरे लिंग के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह चुनाव न केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच की जंग को परिभाषित करेगा, बल्कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जैसे नए खिलाड़ियों की भूमिका भी स्पष्ट करेगा। पहले चरण में 64.66% रिकॉर्ड मतदान हुआ था, और चुनाव आयोग उम्मीद कर रहा है कि यह चरण भी उच्च उपस्थिति दर्ज करेगा।

मतदान की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था:
मतदान सुबह 7 बजे शुरू होने के बाद पहले तीन घंटों में ही उत्साह नजर आया। पूरे राज्य में करीब 4 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 200 से अधिक कंपनियां शामिल हैं। दिल्ली के रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को हुए विस्फोट (जिसमें आठ लोगों की मौत हुई) के बाद सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। बिहार पुलिस ने धार्मिक स्थलों, बाजारों, प्रशासनिक भवनों और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच के आदेश दिए हैं। भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल-बीरगंज जैसे चौकियों को 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है, जबकि किशनगंज-बंगाल सीमा पर भी निगरानी बढ़ाई गई। चुनाव आयोग ने 48 घंटे का मौन काल लागू किया है, जिसमें मीडिया पर चुनावी सामग्री प्रतिबंधित है, और एक्जिट पोल शाम 6:30 बजे के बाद ही जारी होंगे।

मतदाता उपस्थिति: सुबह 9 बजे तक 14.55% रिकॉर्ड
सुबह 9 बजे तक राज्यव्यापी मतदाता उपस्थिति 14.55% रही, जो पहले चरण के समान समय (13.13%) से बेहतर है। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो विकास और परिवर्तन की चाह को दर्शाती है। जिला-वार आंकड़े निम्नलिखित हैं:

जिलाउपस्थिति (%) (सुबह 9 बजे तक)
गया15.97%
किशनगंज15.81%
जमुई15.77%
पूर्णिया15.54%
औरंगाबाद15.43%
अररिया15.34%
मधुबनी13.25%  (सबसे कम)
भागलपुर13.43%
सीतामढ़ी13.49%

यह आंकड़ा पहले चरण की अंतिम उपस्थिति (64.66%) से प्रेरित है, जो 2020 के 57.29% से अधिक था। विशेष रूप से, 595 महिलाओं द्वारा संचालित मतदान केंद्र, 316 आदर्श केंद्र और 91 दिव्यांगों के लिए प्रबंधित केंद्रों पर उत्साह चरम पर है। प्रवासी मतदाता दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से विशेष ट्रेनों से लौटे हैं, खासकर कटिहार जैसे जिलों में।

प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र और उम्मीदवार:
यह चरण पूर्व चंपारण (11 सीटें), मधुबनी और गया (प्रत्येक 10), पश्चिम चंपारण (9), सीतामढ़ी (8), भागलपुर, रोहतास, पूर्णिया और कटिहार (प्रत्येक 7), तथा अररिया और औरंगाबाद (प्रत्येक 6) जैसे जिलों को कवर करता है। प्रमुख क्षेत्रों में सीमांचल (मुस्लिम बहुल), भागलपुर (कांग्रेस का गढ़) और करकट जैसे हॉटसीट शामिल हैं। कुछ महत्वपूर्ण मुकाबले:

  • कटिहार: पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद (भाजपा) पांचवीं बार जीत की कोशिश में, जबकि विकासशील इंसान पार्टी के सौरभ अग्रवाल (महागठबंधन सहयोगी) चुनौती दे रहे।
  • सुपौल: जदयू के वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव आठवीं बार मैदान में।
  • भागलपुर: कांग्रेस के अजित शर्मा (2020 में 1,113 वोटों से जीते) बनाम भाजपा के रोहित पांडे; जन सुराज के अभय कांत झा भी दावेदार।
  • करकट: स्वतंत्र उम्मीदवार ज्योति सिंह (भोजपुरी गायक पवन सिंह की पत्नी) ने अभियान सीमाओं के बावजूद जीत का दावा किया।
  • गया: भाजपा के प्रेम कुमार और जदयू के अन्य मंत्री।
  • सिकंदरा: पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी (भाजपा)।
  • हरसिद्धि: भाजपा के कृष्णानंदन पासवान (मंत्री)।

यह चरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट के लिए महत्वपूर्ण है, जहां 12 मंत्री दांव पर हैं। कुल 243 सीटों में बहुमत के लिए 122 चाहिए।

राजनीतिक गठबंधन और पृष्ठभूमि:
यह चुनाव दो चरणों में हो रहा है: पहला 6 नवंबर को 121 सीटों पर, और दूसरा आज। 2020 में एनडीए ने 125 सीटें जीतीं (भाजपा 74, जदयू 43), जबकि महागठबंधन को 110 मिलीं। वर्तमान में एनडीए सत्ता में है, लेकिन नीतीश कुमार की गठबंधन उलटफेर (2022 में भाजपा से महागठबंधन, 2024 में वापसी) ने सियासत को रोमांचक बना दिया।

  • एनडीए: भाजपा (101), जदयू (101), लोजपा (आरवी) (28), हम (6), रालोसपा (6)। नेता: नीतीश कुमार।
  • महागठबंधन: राष्ट्रीय जनता दल (143), कांग्रेस (61), भाकपा-माले (20), वीआईपी (12)। नेता: तेजस्वी यादव (मुख्यमंत्री पद का दावा)।
  • अन्य: जन सुराज (238, प्रशांत किशोर), एआईएमआईएम-आधारित ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (79), बसपा (130)।

निर्वाचन आयोग ने 6 अक्टूबर को तारीखें घोषित कीं, और 14 नवंबर को रुझान आएंगे। कुल 74.35 करोड़ मतदाता हैं, जो पिछले चुनाव से 3.5% अधिक है।

नेताओं के बयान: विकास बनाम परिवर्तन की अपील
नेताओं ने उच्च मतदान की अपील की:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: युवाओं से रिकॉर्ड तोड़ने को कहा, “पहले मतदान, फिर जलपान”।
  • नीतीश कुमार (जदयू): मतदान को प्राथमिकता दें, दूसरों को प्रेरित करें।
  • तेजस्वी यादव (रजद): पहले चरण में 80% सीटें महागठबंधन के पक्ष में; 18 नवंबर तक मुख्यमंत्री बनने का दावा।
  • प्रशांत किशोर (जन सुराज): शिक्षा-रोजगार के लिए वोट, भ्रष्ट व्यवस्था से बचें; नीतीश की विदाई तय।
  • मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस): आर्थिक न्याय और समानता का मॉडल चाहिए; दलितों-आदिवासियों के लिए न्याय।
  • दिल्ली जायस्वाल (भाजपा): एनडीए की ऐतिहासिक जीत, “जंगल राज भाग 2” नहीं आएगा।
  • पप्पू यादव (स्वतंत्र): सीमांचल-कोसी फैसला करेंगे; दिल्ली विस्फोट पर अमित शाह का इस्तीफा मांग।

घटनाएं और चुनौतियां:
कुछ छोटी-मोटी घटनाएं हुईं:

  • मोतिहारी: भाजपा प्रतीक दिखाने पर दो गिरफ्तार।
  • नवादा (वारिसलीगंज): दलों के समर्थकों के बीच मामूली झड़प; एक निजी वाहन क्षतिग्रस्त, लेकिन स्थिति नियंत्रित।
  • पूर्णिया: बूथ 45-49 पर लाठीचार्ज का आरोप; डीएम को शिकायत।
  • तकनीकी खराबी हरसिद्धि जैसे क्षेत्रों में, लेकिन कोई बड़ा व्यवधान नहीं।

एक साथ छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आठ उपचुनाव हो रहे हैं: जम्मू-कश्मीर (बुडगाम, नागरोटा), राजस्थान (अंता), झारखंड (घाटशिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तरन तारन), मिजोरम (दम्पा), ओडिशा (नुआपड़ा)। दम्पा में 18.38% प्रारंभिक उपस्थिति सबसे अधिक।

बिहार का भविष्य दांव पर:
यह चरण बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है, जहां विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय मुद्दे प्रमुख हैं। पहले चरण की सफलता से प्रेरित, मतदाता उच्च भागीदारी दिखा रहे हैं। 14 नवंबर को आने वाले रुझान बताएंगे कि क्या नीतीश कुमार का शासन जारी रहेगा या तेजस्वी यादव नया दौर लाएंगे। चुनाव आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लिंग-वार डेटा जारी करने की मांग पर विचार कर रहा है। यह लोकतंत्र का उत्सव है, जहां हर वोट मायने रखता है।

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