नोएडा में स्लीपर बस के भीतर हुई गंभीर आपराधिक वारदात के बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच अब कानपुर कमिश्नरेट पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानपुर में ‘ऑपरेशन अलर्ट’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत शहर से गुजरने वाली और लंबी दूरी तय करने वाली स्लीपर बसों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
बसों के पर्दों से लेकर स्टाफ के सत्यापन तक होगी जाँच
इस विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस दल सघन चेकिंग अभियान चला रहा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा:
- पर्दों वाली बसों पर रोक या निगरानी: जिन स्लीपर बसों में खिड़कियों और केबिन पर अंदर से गहरे पर्दे लगे होते हैं, उनकी विशेष रूप से जाँच की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
- ड्राइवर और कंडक्टर का सत्यापन: बसों का संचालन करने वाले सभी चालकों, परिचालकों और अन्य स्टाफ की पुलिस रिकॉर्ड के जरिए आपराधिक कुंडली खंगाली जाएगी। उनका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से चेक किया जाएगा।
- यात्री सुरक्षा और नियम अनुपालन: बस ऑपरेटरों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर पुलिस के इस सख्त रुख से बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है, और इसे जनसुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
