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by-Ravindra Sikarwar

मध्य प्रदेश के दतिया में ट्रक चालकों ने आरटीओ की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एनएच-44 को ठप कर दिया। झांसी-ग्वालियर राजमार्ग पर लंबा जाम लगा, एक ट्रक पलटने से चालक घायल।

दतिया में ट्रक चालकों का गुस्सा, सड़कों पर उतरे:
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सोमवार, 22 सितंबर 2025 की सुबह ट्रक चालकों ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की कार्रवाइयों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नाराज चालकों ने झांसी-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे कई किलोमीटर तक जाम लग गया। इस प्रदर्शन की वजह से यातायात कई घंटों तक ठप रहा, जिसने स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह आंदोलन दतिया बॉर्डर पर लंबे समय से चल रही कथित अवैध वसूली की शिकायतों से शुरू हुआ। चालकों का कहना है कि आरटीओ कर्मचारी और उनके दलाल नियमित रूप से ट्रकों को रोककर अनुचित तरीके से पैसे वसूलते हैं, और विरोध करने पर वाहनों को जब्त करने या भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जाती है।

जाम से राजमार्ग पर अराजकता, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं:
सुबह शुरू हुए इस जाम ने एनएच-44 पर यातायात को पूरी तरह प्रभावित किया। झांसी-ग्वालियर राजमार्ग पर बसें, निजी वाहन, और मालवाहक ट्रक घंटों फंसे रहे, जिससे लंबी कतारें बन गईं। कई यात्री अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके, और माल ढुलाई में देरी से स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ा। दतिया, जो एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट है, में इस तरह के जाम से सप्लाई चेन में रुकावट आती है, जिसका असर ईंधन, खाद्य सामग्री, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ता है। कुछ यात्रियों ने बताया कि गर्म मौसम और लंबे इंतजार के कारण उनकी स्थिति और खराब हो गई।

प्रदर्शन के बीच हादसा, ट्रक पलटने से चालक घायल:
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दर्दनाक हादसा भी हुआ। चालकों ने सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर राजमार्ग को अवरुद्ध किया था। इसी दौरान एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने तुरंत घायल चालक को दतिया के जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना ने प्रदर्शन की गंभीरता को और उजागर किया, क्योंकि जल्दबाजी और अव्यवस्था के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं।

चालकों का आरोप: आरटीओ की अवैध वसूली से तंग आए
ट्रक चालकों का कहना है कि दतिया बॉर्डर पर आरटीओ चेकपोस्ट पर नियमित रूप से अवैध वसूली हो रही है। उनके अनुसार, कई बार बैरियर बंद होने के बावजूद कर्मचारी या उनके दलाल पैसे मांगते हैं। कुछ मामलों में, दलाल कथित तौर पर आर्मी की वर्दी पहनकर ट्रकों को रोकते हैं और पैसे न देने पर परेशान करते हैं। चालकों का यह भी आरोप है कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनके वाहनों को जब्त करने की धमकी दी जाती है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। इस तरह की कार्रवाइयों ने चालकों को मजबूरन सड़क पर उतरने के लिए प्रेरित किया।

प्रशासन की कार्रवाई, जाम हटाने की कोशिशें:
जाम की सूचना मिलते ही दतिया पुलिस और आरटीओ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी चालकों के साथ बातचीत शुरू की और उनकी शिकायतों को सुनने का आश्वासन दिया। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य जाम को हटाकर यातायात को सुचारु करना था। दोपहर तक जाम धीरे-धीरे खुलने लगा, लेकिन पूरी तरह से स्थिति सामान्य होने में समय लगा। अधिकारियों ने चालकों से वादा किया कि उनकी शिकायतों की जांच की जाएगी और अवैध वसूली के मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।

भविष्य में क्या हो सकता है?
यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश में ट्रक चालकों और आरटीओ के बीच बढ़ते तनाव का एक उदाहरण है। दतिया जैसे क्षेत्रों में, जहां एनएच-44 एक प्रमुख परिवहन मार्ग है, ऐसी घटनाएं यातायात और व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। अगर अवैध वसूली की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में भी इस तरह के प्रदर्शन हो सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह पारदर्शी जांच करे और चालकों के साथ संवाद बनाए रखे।

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