Vidisha: बंदूक के साए में खेती का कार्य कर रहे किसान
विदिशा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों भय का माहौल बना हुआ है। खेतों, नहरों और जंगल से लगे इलाकों में बाघ की मौजूदगी की खबरों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में खेतों की मेड़ों और आसपास के क्षेत्रों में बाघ के पगमार्क मिलने से ग्रामीणों में डर और ज्यादा गहराता जा रहा है।
Vidisha: जान हथेली पर रखकर खेत जा रहे किसान
बाघ की गतिविधियों के चलते किसानों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। अब किसान अकेले खेत जाने से बच रहे हैं और समूह में ही खेती-बाड़ी का काम कर रहे हैं। सुबह और शाम के समय खेतों में काम लगभग ठप हो गया है, जिससे सिंचाई और फसल की देखरेख प्रभावित हो रही है।
Vidisha: बंदूक, लाठी और मशाल के साए में खेती
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि किसान लाइसेंसी बंदूक, लाठी, टॉर्च और मशाल लेकर खेतों तक पहुंच रहे हैं। रात के समय गांवों में सामूहिक पहरा लगाया जा रहा है। कहीं ढोल-नगाड़े तो कहीं पटाखों की आवाज से बाघ को दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
मवेशियों पर हमले से बढ़ी आर्थिक चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की मौजूदगी के कारण मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं। गाय, भैंस और बकरियों के नुकसान से किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
वन विभाग की टीम ने संभाली मोर्चा
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पगमार्क की जांच शुरू की गई। क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ संभवतः जंगल से भटककर रिहायशी इलाकों की ओर आ गया है और जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
फिलहाल विदिशा से सटे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसान खेती से ज्यादा अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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