रिपोर्टर: विशाल दुबे
Ujjain : मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन दौरे के दौरान सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विकास कार्यों को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। तरणताल चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किए जाने के बाद, मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्यों, भूमि अधिग्रहण और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
जमीनों के दाम बढ़ाने और निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
Ujjain उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सिंहस्थ 2028 के तहत बनाई जा रही सड़कों के रास्तों में फेरबदल कर खास जमीनों के दाम बढ़ाने का खेल खेला जा रहा है। उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में इन सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि सिंहस्थ की तैयारियों के अंतर्गत उज्जैन में 64 प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है, जिसकी वजह से कई मकानों, दुकानों और धार्मिक स्थलों के हिस्से प्रभावित हो रहे हैं।

ईवीएम, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
Ujjain मीडिया से चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने न केवल सिंहस्थ निर्माण कार्यों पर बात की, बल्कि प्रदेश के अन्य राजनीतिक मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने राज्य में कथित घोटालों, फर्जी वोटिंग और मतदाता सूची में गड़बड़ी जैसे विषयों पर सरकार को घेरा। इसके साथ ही, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और ईवीएम के उपयोग पर संशय व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
निष्पक्ष जांच और आधिकारिक दस्तावेजों की आवश्यकता
Ujjain विपक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बीच सिंहस्थ 2028 जैसी महायोजना में पारदर्शिता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, बजट के उपयोग और भूमि अधिग्रहण से जुड़े इन आरोपों की सत्यता साबित करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड, विभागीय दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट का सार्वजनिक होना बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

