रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : सदर थाना क्षेत्र के करियो गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ प्रसव के बाद 25 वर्षीय प्रसूता चांदनी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने शिव हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के सामने सुबह करीब 10 बजे सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित क्लिनिक को सील कर दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लापरवाही के आरोप और इलाज के दौरान की घटना
Supaul मृतका के पति राजा कुमार द्वारा सदर थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा उठने पर चांदनी कुमारी को आशा कार्यकर्ता किरण देवी की सहायता से उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में डॉक्टर रमेश कुमार और डॉक्टर संतोष की देखरेख में प्रसव कराया गया, जिसके तुरंत बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि चिकित्सकों ने स्थिति बिगड़ने पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता बताई, जिस पर तीन रक्तदाताओं ने तुरंत तीन यूनिट रक्त उपलब्ध कराया। इसके बावजूद महिला की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। अंततः जब उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया, तो वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
Supaul इस अप्रत्याशित घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित हो रहे निजी क्लिनिकों में डॉक्टरों की वास्तविक योग्यता, मानकों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की नियमित जांच क्यों नहीं की जाती? ऐसी लापरवाहियों के कारण लगातार निर्दोष लोगों की जान जा रही है, जिस पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आगामी जांच प्रक्रिया
Supaul घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी राजीव रंजन और बीडीओ निशांत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए क्लिनिक को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया है। पुलिस ने मृतका के पति के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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