ShivpuriShivpuri
Spread the love

Report By: Yogendra Singh

Shivpuri : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्वास्थ्य सेवा मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक विशाल स्वास्थ्य शिविर में पहली बार अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी का सफल प्रदर्शन किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिन्होंने न केवल शिविर का दौरा किया बल्कि ऑपरेशन थिएटर में जाकर इस जटिल प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन भी किया।

देश के किसी स्वास्थ्य शिविर में पहली बार आधुनिक तकनीक का प्रयोग

Shivpuri यह आयोजन न केवल शिवपुरी बल्कि पूरे देश के लिए एक विशेष मिसाल बन गया है। आमतौर पर रोबोटिक सर्जरी जैसी महंगी और जटिल प्रक्रियाएँ केवल महानगरों के बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित रहती हैं। यह संभवतः भारत में पहला मौका है जब किसी निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के दौरान इस तरह की हाई-टेक रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया गया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इसे ‘अंत्योदय’ की भावना से प्रेरित पहल बताया, जहाँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा पहुँचाने का प्रयास किया गया है।

सटीकता के साथ हर्निया मरीज का सफल ऑपरेशन

Shivpuri शिविर के दौरान हर्निया से पीड़ित एक मरीज का चयन इस विशेष सर्जरी के लिए किया गया। देश के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. मेहक भंडारी और उनकी विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक रोबोटिक आर्म्स की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी अत्यंत सटीक होती है, इसमें मरीज को कम दर्द होता है, खून कम बहता है और रिकवरी बहुत तेजी से होती है। सिंधिया ने इस दौरान डॉक्टरों से तकनीक की कार्यप्रणाली पर चर्चा की और इस सफल प्रयोग के लिए पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी।

आमजन के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

Shivpuri चिकित्सकों की सराहना करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संकल्प दोहराया कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्वास्थ्य सेवा मिशन के माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग के सुदूर क्षेत्रों में भी ऐसी ही उन्नत तकनीकें उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्री ने कहा, “यह केवल एक ऑपरेशन नहीं है, बल्कि एक संदेश है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो हम गांव के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी वही इलाज दे सकते हैं जो विदेशों में मिलता है।” इस पहल से न केवल मरीजों को नई जिंदगी मिली, बल्कि क्षेत्र के युवाओं और चिकित्सा छात्रों को भी अत्याधुनिक तकनीक को करीब से देखने की प्रेरणा मिली।

Also Read This: India–Iran relations: होर्मुज संकट के बीच भारत को ईरान का साथ, युद्ध में शामिल देशों पर सख्त पाबंदी