Report by: Rishabh Kumar
Rajauli : जिले के रजौली नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 3 के निवासियों के लिए विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहाँ नाली निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासी विजय चौधरी का घर और गौशाला पूरी तरह गंदे पानी में डूब गया है। आलम यह है कि पशुओं को बांधने तक की जगह नहीं बची है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

सिनेमा हॉल की नाली बनी मुसीबत की जड़
Rajauli पीड़ित विजय चौधरी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि समस्या का मुख्य कारण पास के सिनेमा हॉल क्षेत्र से आने वाला पानी है।
- सीधा बहाव: सिनेमा हॉल के पास की मुख्य नाली का पानी बिना किसी निकासी तंत्र के सीधे वार्ड नंबर 3 की ओर मोड़ दिया गया है।
- गौशाला की दुर्दशा: गंदा पानी सीधे विजय चौधरी के घर और गौशाला में प्रवेश कर रहा है। घुटनों तक भरे पानी के कारण गायों और अन्य मवेशियों को सुरक्षित रखना नामुमकिन हो गया है।
- नारकीय जीवन: परिवार को दिन-रात कीचड़ और बदबू के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनका जीवन नारकीय बन गया है।

आश्वासनों का अंबार, पर धरातल पर काम शून्य
Rajauli स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन केवल वादे करने में माहिर है। विजय चौधरी के अनुसार, कई साल पहले उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि बरसात खत्म होते ही पक्की नाली का निर्माण करा दिया जाएगा।
- लिखित आवेदन का असर नहीं: पीड़ित ने कई बार नगर पंचायत कार्यालय और कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी, लेकिन फाइलों में दर्ज ये आवेदन अब तक किसी ठोस कार्रवाई में तब्दील नहीं हो सके हैं।
- वर्षों से लंबित मांग: समय बीतता गया, लेकिन नाला निर्माण की योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बरसात से पहले स्थायी समाधान की गुहार
Rajauli वार्ड नंबर 3 के अन्य निवासियों का कहना है कि यदि अभी यह हाल है, तो मानसून के दौरान स्थिति और भी भयावह हो जाएगी।
- स्थानीय मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी स्वयं स्थल का निरीक्षण करें और गंदे पानी की निकासी के लिए स्थायी नाले का निर्माण शुरू कराएं।
- चेतावनी: लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पशुपालकों के लिए यह संकट उनकी आजीविका पर भी चोट कर रहा है, क्योंकि जलजमाव के कारण पशु बीमार पड़ रहे हैं। अब देखना यह है कि नगर पंचायत प्रशासन इस ‘नारकीय’ स्थिति से वार्डवासियों को कब तक निजात दिला पाता है।
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