Railway Meal: रेल यात्रियों को किफायती, स्वच्छ और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे प्रशासन एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। रायपुर सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अब जनता भोजनालय की जगह आधुनिक फूड वैन मॉडल शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत यात्रियों को मात्र 25 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे प्रशासन ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और मार्च से पहले इस सेवा को शुरू करने की तैयारी है।
Railway Meal: फूड वैन मॉडल: नई व्यवस्था, नया अनुभव
नई योजना के अनुसार प्रत्येक बड़े रेलवे स्टेशन पर 2 से 3 फूड वैन संचालित की जाएंगी। इन वैन को स्टेशन परिसर के दोनों छोरों पर स्थापित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आसानी से भोजन मिल सके। यह व्यवस्था खास तौर पर दैनिक यात्रियों, श्रमिक वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। फूड वैन के माध्यम से ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाएगा।
Railway Meal: गुणवत्ता और स्वच्छता पर रेलवे की सख्त नजर
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को फूड वैन संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। रेलवे प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर उपलब्धता में किसी तरह की लापरवाही न हो। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई का भी प्रावधान रहेगा।
पुरानी योजना से मिली सीख
इससे पहले रेलवे स्टेशनों पर जनता भोजनालय योजना के तहत 15 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता था। हालांकि यह योजना वेंडरों द्वारा संचालित की जा रही थी, लेकिन भोजन की गुणवत्ता, अनियमित संचालन और शिकायतों के कारण इसे बंद करना पड़ा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि फूड वैन मॉडल अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और व्यावहारिक साबित होगा।
यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता पर जोर
फूड वैन के वेंडरों को प्लेटफार्म पर भी निर्धारित स्थान दिए जाएंगे, जिससे प्लेटफार्म पर मौजूद और ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को सीधे भोजन मिल सके। प्रत्येक वेंडर का संपर्क नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि यात्री किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे संपर्क कर सकें।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को उचित दाम पर बेहतर भोजन मिलेगा, बल्कि स्टेशन परिसरों में अव्यवस्था और भीड़-भाड़ भी कम होगी। उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
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