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By: Ishu Kumar

Pilibhit : मॉडल थाना घुंघचिहाई क्षेत्र के ग्राम गोंडा में आज सुबह एक विकलांग युवक का शव पेड़ से लटका पाया गया। घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, युवक मानसिक रूप से अस्थिर था और कथित तौर पर नशे का आदी भी बताया गया है।

मृतक की पहचान और स्थिति

Pilibhit जानकारी के अनुसार मृतक युवक मानसिक रूप से अस्थिर था और उसका स्वास्थ्य पहले से ही कमजोर था। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक अपने परिवार के साथ ही रहता था, लेकिन घटना के समय उसका भाई मजदूरी करने बाहर गया हुआ था। इस वजह से घर में कोई मौजूद नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार युवक कभी-कभी असामान्य व्यवहार करता था और वह कई बार अपने अकेलेपन के कारण परेशानी में भी रहता था।

गांव में पसरा शोक और पुलिस की जांच

Pilibhit युवक की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। लोग घटना को सुनकर स्तब्ध रह गए और पास-पड़ोस में अफ़रा-तफ़री मच गई। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। साथ ही फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और सभी संभावित सबूत एकत्र कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

मौत के कारण और आगे की कार्रवाई

Pilibhit शुरुआती जांच में शव पेड़ से लटका पाया गया, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा आत्महत्या है या किसी अन्य कारण से हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने पूरे गांव में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की अफ़वाह या तनाव न फैले। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि घटना का निष्पक्ष और गहन जांच के बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाए।

स्थानीय प्रशासन ने भी घटना पर संज्ञान लिया है और कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में मानसिक रूप से अस्थिर लोगों के लिए समय-समय पर सहायता और परामर्श की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी संदिग्ध परिस्थिति या आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

यह घटना न केवल गांववासियों के लिए एक सदमे की तरह है बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों पर समुदाय और परिवार की निगरानी और सहायता महत्वपूर्ण होती है, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सके।

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