New Delhi : मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान के सुरक्षा तंत्र को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। आधिकारिक पुष्टी के अनुसार, देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और कद्दावर सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी एक घातक हमले में मारे गए हैं। इस घटना ने न केवल ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी उबाल ला दिया है। प्राथमिक रिपोर्टों और ईरानी अधिकारियों के बयानों में इस सटीक हमले के पीछे सीधे तौर पर इजरायल का हाथ बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का शोक संदेश और कड़ी प्रतिक्रिया
New Delhi ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस दोहरे नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्र के लिए एक ‘अपूरणीय क्षति’ करार दिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक वक्तव्य और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए संदेश में इस हमले को इजरायल और अमेरिका की एक “कायरतापूर्ण और हताशा भरी कार्रवाई” बताया।
राष्ट्रपति ने भावुक होते हुए लिखा कि इस्माइल खातिब, अली लारीजानी और अजीज नसीरजादेह जैसे नेताओं की शहादत देश को कमजोर नहीं, बल्कि और अधिक एकजुट करेगी। उन्होंने संकल्प लिया कि इन नेताओं द्वारा स्थापित विचारधारा और सुरक्षा के लक्ष्यों को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस घटना के बाद पूरे ईरान में शोक की लहर है और सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं।
मारे गए नेताओं का कद और ईरान के लिए उनका महत्व
New Delhi मारे गए दोनों नेता ईरान के सत्ता और सुरक्षा ढांचे के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते थे।
- इस्माइल खातिब (खुफिया मंत्री): 1961 में जन्मे खातिब ईरानी खुफिया मंत्रालय (MOIS) के सर्वेसर्वा थे। इस्लामिक क्रांति के बाद उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की इंटेलिजेंस यूनिट से अपने करियर की शुरुआत की थी। वे सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेहद भरोसेमंद थे और देश की आंतरिक एवं बाहरी जासूसी नेटवर्क की कमान उन्हीं के हाथों में थी।
- अली लारीजानी (सुरक्षा प्रमुख): लारीजानी को ईरान की विदेश नीति और परमाणु रणनीति का ‘मास्टरमाइंड’ माना जाता था। वे लंबे समय तक पश्चिमी देशों के साथ हुई परमाणु वार्ताओं में ईरान का चेहरा रहे। इजरायल उन्हें एक “प्रभावशाली और चतुर नेतृत्वकर्ता” के रूप में देखता था, जो क्षेत्र में ईरान के प्रभाव को बढ़ाने में माहिर थे।
हमले की भयावहता और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के संकेत
New Delhi यह हमला कितना सटीक और घातक था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें न केवल शीर्ष नेता, बल्कि उनके करीबी सहयोगी और परिवार के सदस्य भी हताहत हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अली लारीजानी के पुत्र मोर्तेज़ा लारीजानी और उनके कार्यालय प्रमुख अलिरेज़ा बयात सहित खुफिया मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस हमले में मारे गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी उच्च-स्तरीय सुरक्षा घेरे को भेदकर किया गया यह हमला ईरान के इंटेलिजेंस फेलियर को भी दर्शाता है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ईरान द्वारा संभावित जवाबी कार्रवाई की धमकी के बाद वैश्विक बाजार और कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।
Also Read This: Chaitra Navaratri 2026: आज से पावन पर्व की शुरुआत, मां दुर्गा पालकी में करेंगी आगमन, नौ दिन तक भक्तिमय रहेगा माहौल

