रिपोर्टर: उपेन्द्र सिंह चौहान
Lucknow : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नवचयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित करने के लिए लखनऊ में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक बदलावों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान प्रदेश में हुए व्यापक ढांचागत सुधारों और पुलिस विभाग में हुई रिकॉर्ड नियुक्तियों का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया।

साढ़े नौ साल में 2.30 लाख से अधिक पारदर्शी भर्तियां
Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में निष्पक्षता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 2 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। इन रिकॉर्ड नियुक्तियों और प्रणालीगत सुधारों के बल पर आज यूपी पुलिस को दुनिया के सबसे बड़े सिविल पुलिस बल के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को बिना किसी धांधली के शुचिता के साथ पूरा करना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
अराजकता के दौर से उबरकर बनी नए यूपी की पहचान
Lucknow प्रदेश के बीते दौर को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी अकर्मण्यता, अराजकता और लगातार लगने वाले कर्फ्यू के साए में जीने को मजबूर था। एक समय ऐसा था जब राज्य अपनी असली पहचान खो चुका था और इसे ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में गिना जाने लगा था। उस दौर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे बेखौफ घूमते थे और उन्हें पूरा भरोसा रहता था कि पुरानी लचर प्रक्रियाओं के कारण वे कभी कानून के शिकंजे में नहीं फंसेंगे।
आधुनिक रिफॉर्म्स से बदली कानून-व्यवस्था की वैश्विक छवि
Lucknow मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब उनकी सरकार ने प्रशासनिक और विधिक प्रक्रियाओं में कड़े सुधार (रिफॉर्म्स) लागू करने शुरू किए, तो उसके दूरगामी और सकारात्मक नतीजे सामने आए। पुराने लचर तौर-तरीकों को बदलकर जांच प्रणाली और पुलिसिंग को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाया गया। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की चर्चा न केवल पूरे देश में, बल्कि दुनिया भर में हो रही है।
ये भी पढे: सुपौल: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बीरपुर में की लोक अदालत की समीक्षा और उपकारा का निरीक्षण

