India–Bangladesh relations : भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में नई उम्मीदें जगी हैं। बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही दिनों के भीतर भारत अपने पड़ोसी देश में सभी वीजा सेवाओं को बहाल करने की तैयारी कर रहा है। इस कदम से दोनों देशों के बीच सहयोग, आपसी सम्मान और आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

वीजा सेवाओं की बहाली और यात्रा सुविधाएँ
India–Bangladesh relations भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने बताया कि बांग्लादेश में भारतीय वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के प्रयास जारी हैं। मेडिकल वीजा और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं, जबकि यात्रा वीजा और अन्य श्रेणियों को भी जल्द शुरू करने की योजना है। इस पहल से व्यापारिक, शिक्षा और पर्यटन संबंधी गतिविधियों में तेजी आएगी।
भारतीय सहायक उच्चायुक्त ने सिलहट में वीजा सुविधा का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों देशों के नागरिक अब आसानी से यात्रा कर सकेंगे और आर्थिक व सामाजिक संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
पुराने विवाद और संबंधों का सुधार
India–Bangladesh relations पूर्व में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के कारण भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। उस समय भारत विरोधी प्रदर्शन हुए और वीजा केंद्रों ने अपने संचालन को निलंबित कर दिया। जुलाई 2024 में विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और वे भारत चली गई थीं। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को कमजोर किया।
लेकिन अब नए नेतृत्व और सकारात्मक राजनीतिक दृष्टिकोण के चलते रिश्तों में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भारत और बांग्लादेश दोनों देश स्थिर और लाभकारी संबंध बनाने के लिए इच्छुक हैं।
साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी
India–Bangladesh relations प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को उनके परिवार सहित भारत आने का आमंत्रण दिया। मोदी ने कहा कि वे द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार हैं और भारत-बांग्लादेश के साझा इतिहास, सांस्कृतिक संबंध और लोगों की शांति व समृद्धि की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नई नीति बनाएंगे।
उन्होंने पत्र में लिखा कि दोनों देशों के विकासात्मक लक्ष्यों में तालमेल भविष्य में सहयोग की दिशा निर्धारित करेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में साझेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। इस नई शुरुआत से दोनों देशों के नागरिकों के लिए अवसरों और स्थिरता का मार्ग खुलेगा।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में यह नया अध्याय द्विपक्षीय विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करेगा। वीजा सेवाओं की बहाली और उच्च-स्तरीय नेताओं के आमंत्रण से न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी नई दिशा मिलेगी।
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