by-Ravindra Sikarwar
आयकर विभाग ने आईटीआर (ITR) फाइलिंग की समय सीमा को लेकर चल रही फर्जी खबरों का खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई है और यह पहले की तरह ही 15 सितंबर, 2025 है।
फर्जी खबर और आयकर विभाग की सफाई:
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की अंतिम तिथि को 15 सितंबर, 2025 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2025 कर दिया गया है। यह खबर कई लोगों द्वारा साझा की जा रही थी, जिससे करदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
इस पर संज्ञान लेते हुए, आयकर विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की। विभाग ने कहा कि, “आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा को 30.09.2025 तक बढ़ाने वाली एक फर्जी खबर सर्कुलेशन में है। यह खबर गलत है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15.09.2025 ही है।”
करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी:
- अंतिम तिथि: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 है।
- किसके लिए है यह तिथि: यह अंतिम तिथि उन करदाताओं के लिए है जिनके खातों का ऑडिट होना आवश्यक नहीं है।
- देरी से फाइलिंग के परिणाम: यदि कोई करदाता 15 सितंबर, 2025 तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं करता है, तो उसे जुर्माना (penalty) देना पड़ सकता है। जुर्माने की राशि ₹5,000 तक हो सकती है। इसके अलावा, करदाता को बकाये पर ब्याज भी देना होगा और कुछ मामलों में नुकसान को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
आयकर विभाग ने सभी करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे इस तरह की फर्जी खबरों पर ध्यान न दें और समय पर अपना रिटर्न दाखिल करें। किसी भी जानकारी के लिए केवल आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें।
