Edema : कई लोगों को दिन खत्म होते-होते पैरों में भारीपन, खिंचाव या हल्की सूजन महसूस होने लगती है। सुबह के समय पैर सामान्य रहते हैं, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता है, असहजता बढ़ने लगती है। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई बार यह शरीर की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पैरों में सूजन कभी-कभी रक्त संचार में बाधा या शरीर के किसी अंग की कार्यक्षमता कम होने का संकेत दे सकती है। इसलिए अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह किन स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
क्रोनिक वीनस इनसफिशिएंसी
Edema क्रोनिक वीनस इनसफिशिएंसी ऐसी स्थिति होती है जब पैरों की नसें रक्त को ठीक तरीके से हृदय तक वापस नहीं पहुंचा पातीं। नसों के वाल्व कमजोर होने पर खून पैरों में जमा होने लगता है, जिससे सूजन, दर्द और भारीपन महसूस हो सकता है।
लंबे समय तक खड़े रहने या बैठकर काम करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है। खासकर ऑफिस कर्मचारियों, शिक्षकों या दुकानदारों को इसका खतरा ज्यादा रहता है।
बचाव के उपाय:
- कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स का इस्तेमाल
- पैरों को कुछ समय के लिए ऊपर उठाकर आराम करना
- नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाना
कंजेस्टिव हार्ट फेलियर
Edema कंजेस्टिव हार्ट फेलियर एक गंभीर स्थिति है जिसमें दिल शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में रक्त पंप नहीं कर पाता। इसके कारण शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों, फेफड़ों और अन्य हिस्सों में सूजन आ सकती है।
इसके लक्षणों में सांस फूलना, थकान और पैरों में लगातार सूजन शामिल हो सकते हैं। अक्सर यह समस्या उच्च रक्तचाप या दिल की मांसपेशियों की कमजोरी से जुड़ी होती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
किडनी से जुड़ी समस्याएं
Edema किडनी शरीर में फिल्टर का काम करती हैं और अतिरिक्त पानी, नमक तथा विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती हैं। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पातीं, तो शरीर के ऊतकों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
इस कारण पैरों और टखनों में लगातार सूजन देखने को मिल सकती है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो किडनी की जांच कराना जरूरी हो सकता है।
लिवर सिरोसिस
Edema लिवर सिरोसिस ऐसी स्थिति है जिसमें लंबे समय तक लिवर को नुकसान पहुंचने के कारण उसमें दाग या स्कार बन जाते हैं और धीरे-धीरे उसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है।
इस बीमारी के मुख्य कारणों में अत्यधिक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस संक्रमण और फैटी लिवर शामिल हैं। इस स्थिति में शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे पैरों में सूजन दिखाई दे सकती है। समय रहते पहचान और सही उपचार से इसकी गति को कम किया जा सकता है।
जरूरी सावधानी
Edema अगर पैरों में सूजन, दर्द या भारीपन बार-बार महसूस हो रहा है और यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है, ताकि किसी गंभीर बीमारी का खतरा टाला जा सके।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उपचार या जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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