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Report by: Ravindra Singh

Durg : जिले के उतई थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की गई। इस घटना ने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Durg लापता मासूम बोरे में बंद मिली, गांव में फैला आक्रोश

घटना की शुरुआत तब हुई जब 5 साल की मासूम बच्ची अचानक अपने घर के बाहर से गायब हो गई। परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो गांव के पास स्थित एक कुएं के समीप एक संदिग्ध बोरा दिखाई दिया। जब ग्रामीणों ने उसे खोलकर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; मासूम बच्ची उस बोरे के भीतर बंद हालत में मिली। बच्ची की नाजुक हालत को देख पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास की आशंका जताई जा रही है।

Durg पुलिस की कार्रवाई: संदिग्ध हिरासत में और FSL की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला। संदेह के आधार पर एक स्थानीय युवक को हिरासत में लिया गया है, जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित करने के लिए एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम ने घटनास्थल का सघन मुआयना किया। पुलिस का कहना है कि मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा किए गए हैं और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Durg ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन और थाने का घेराव

जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उतई थाने पहुँच गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। भीड़ को अनियंत्रित होता देख पुलिस को स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

Durg न्याय की मांग और सुरक्षा पर सवाल

इस जघन्य कृत्य ने समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच उच्च प्राथमिकता पर की जा रही है और दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित बच्ची को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख कर रही है।

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