Child vision disorder : आजकल बच्चों में मोबाइल, टीवी और अन्य डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसी कारण आंखों पर दबाव भी बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हर पांच में से एक बच्चे को चश्मे की जरूरत पड़ रही है। यानी लगभग 20% बच्चे कमजोर नजर की समस्या से जूझ रहे हैं।
सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े लोग भी इससे अछूते नहीं हैं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ ड्राई आई, सिरदर्द, धुंधला दिखना और आंखों में थकान जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। वहीं ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी, जिसे “साइलेंट थीफ ऑफ साइट” कहा जाता है, बिना लक्षण के धीरे-धीरे नजर को नुकसान पहुंचा सकती है।
लाइफस्टाइल में बदलाव है जरूरी
Child vision disorder आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ आदतों में सुधार जरूरी है।
- बच्चों को स्क्रीन से नियमित ब्रेक देना चाहिए
- आउटडोर गेम्स को बढ़ावा देना चाहिए
- दिमागी खेल जैसे शतरंज ध्यान और फोकस बढ़ाने में मदद करते हैं
- सुबह की शुरुआत हल्की एक्सरसाइज और ताजी हवा से करनी चाहिए
आंखों के लिए आसान योग और एक्सरसाइज
Child vision disorder योग और प्राणायाम आंखों की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार माने जाते हैं।
- रोज सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें
- अनुलोम-विलोम और भ्रामरी का अभ्यास करें
- पामिंग (आंखों को हथेलियों से ढकना) और ब्लिंकिंग एक्सरसाइज करें
घरेलू उपाय जो आंखों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं
Child vision disorder Baba Ramdev के अनुसार कुछ पारंपरिक उपाय भी आंखों की देखभाल में सहायक हो सकते हैं:
- त्रिफला घृत को दूध के साथ लेना
- एलोवेरा और आंवला जूस का सेवन
- गुलाब जल और त्रिफला पानी से आंखों को साफ करना
- बादाम, सौंफ और मिश्री का पाउडर दूध के साथ लेना
ध्यान रखने वाली बातें
- स्क्रीन की ब्राइटनेस ज्यादा न रखें
- लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचें
- नियमित आंखों की जांच कराते रहें
आंखों की सेहत बनाए रखना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है। सही खानपान, नियमित योग और सीमित स्क्रीन टाइम से नजर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
नोट: किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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