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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर: डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने के आरोप से जुड़े विवादित मामले में गिरफ्तार अधिवक्ता अनिल मिश्रा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत प्रदान कर रिहाई के निर्देश दिए हैं।

एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहाई

हाईकोर्ट ने अनिल मिश्रा को एक लाख रुपये की व्यक्तिगत जमानत राशि और इतनी ही額 की surety पर छोड़ने का आदेश पारित किया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत की अवधि में आरोपी को सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा तथा जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करना जरूरी होगा।

पुलिस की कार्रवाई पर अदालत की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस की भूमिका पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। कोर्ट का मानना था कि इस प्रकरण में कानूनी दायरे का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और जल्दबाजी में उठाए गए कदमों से सवाल खड़े होते हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए पुलिस को अधिक सावधानी बरतने के सख्त निर्देश दिए गए।

सामाजिक शांति के लिए जुलूस और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध

कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की दृष्टि से अदालत ने किसी भी प्रकार के जुलूस निकालने या सार्वजनिक प्रदर्शनों पर पूर्ण रोक लगा दी है। न्यायालय ने जोर दिया कि ऐसी गतिविधियां समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए शांति और सद्भाव बनाए रखना हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।