by-Ravindra Sikarwar
शर्म अल-शेख, मिस्र: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित गाजा शांति शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की। ट्रंप ने मोदी को अपना “बहुत अच्छा दोस्त” बताया और कहा कि उन्होंने “शानदार काम” किया है। साथ ही, ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अपना “पसंदीदा फील्ड मार्शल” करार दिया, जिससे शरीफ के लिए स्थिति थोड़ी असहज हो गई। यह सम्मेलन गाजा में दो साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए बुलाया गया था, जहां हमास ने आखिरी जीवित इजरायली बंधकों को रिहा किया और इजरायल ने बदले में सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त किया। ट्रंप की मध्यस्थता में हुए इस समझौते को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है, लेकिन सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर ट्रंप की टिप्पणियां चर्चा का केंद्र बन गईं।
सम्मेलन का विवरण और पृष्ठभूमि:
शर्म अल-शेख शांति सम्मेलन का आयोजन गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद हुआ, जिसकी घोषणा ट्रंप ने 9 अक्टूबर को की थी। सम्मेलन में मुस्लिम और यूरोपीय नेताओं ने गाजा पट्टी के भविष्य और व्यापक क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की। हमास और इजरायल दोनों ही सम्मेलन में शामिल नहीं हुए, लेकिन समझौते के पहले चरण के तहत हमास ने सोमवार को आखिरी 20 जीवित बंधकों को रेड क्रॉस के माध्यम से सौंप दिया। इजरायली सेना ने पुष्टि की कि सभी बंधक प्राप्त हो गए हैं, जिसके बाद तेल अवीव के “हॉस्टेज स्क्वायर” में हजारों लोगों ने जश्न मनाया। इजरायल ने जवाब में फिलिस्तीनी कैदियों को बसों में भरकर घर भेजा। ट्रंप ने इस समझौते को “मध्य पूर्व में शांति की नई शुरुआत” बताया और कहा कि इससे लाखों जानें बची हैं।
सम्मेलन में ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी वहां मौजूद होंगे। ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ यहां हैं, और मैं कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान से मेरे पसंदीदा फील्ड मार्शल, जो यहां नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री यहां हैं।” यह टिप्पणी शरीफ के लिए असहज साबित हुई, क्योंकि वे ट्रंप के पीछे खड़े थे और मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दे रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह बात पाकिस्तान में सेना की प्रमुख भूमिका को रेखांकित करती है।
ट्रंप की भारत और मोदी पर प्रशंसा:
ट्रंप ने सम्मेलन में भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत एक “महान देश” है और उसके शीर्ष पर उनका “बहुत अच्छा दोस्त” है, जिसने “शानदार काम” किया है। उन्होंने कहा, “भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा बहुत अच्छा दोस्त है, और उसने शानदार काम किया है।” ट्रंप ने आगे भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की उम्मीद जताई और शरीफ की ओर मुड़कर पूछा, “मुझे लगता है कि पाकिस्तान और भारत बहुत अच्छे से साथ रहेंगे, है ना?” शरीफ ने इस पर असहज मुस्कान दी, जबकि ट्रंप ने जारी रखा, “वे रहेंगे… और वे दोनों महान हैं… मैं आपको बताता हूं… मेरी राय में दोनों महान नेता हैं।” यह टिप्पणी भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के तनावों के संदर्भ में आई, जहां ट्रंप ने खुद को मध्यस्थ बताते हुए दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच “परमाणु युद्ध” रोका है।
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में सम्मेलन जाते समय पत्रकारों से कहा कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान संघर्ष को 24 घंटे में सुलझाया। उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, भारत और पाकिस्तान के बीच, मैंने कहा, अगर आप लोग युद्ध लड़ना चाहते हैं और आपके पास परमाणु हथियार हैं, तो मैं आप दोनों पर बड़े टैरिफ लगाऊंगा, जैसे 100 प्रतिशत, 150 प्रतिशत, और 200 प्रतिशत… और मैंने वह मामला सुलझा लिया।” हालांकि, भारत ने ट्रंप की मध्यस्थता को खारिज किया है और कहा है कि दोनों देशों के सैन्य महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत से संघर्ष समाप्त हुआ।
शहबाज शरीफ की ट्रंप की सराहना और नोबेल पुरस्कार की सिफारिश:
शरीफ ने सम्मेलन में ट्रंप की प्रशंसा की और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने न केवल दक्षिण एशिया में शांति लाई, बल्कि लाखों लोगों की जान बचाई, और आज शर्म अल-शेख में गाजा में शांति हासिल करके मध्य पूर्व में लाखों जानें बचा रहे हैं।” शरीफ ने दावा किया कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोका। हालांकि, ट्रंप की मुनीर पर टिप्पणी से शरीफ असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इस पल की चर्चा हुई, जहां इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की प्रतिक्रिया भी वायरल हुई।
मोदी की अनुपस्थिति और प्रतिक्रिया:
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए, बल्कि विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को भारत का प्रतिनिधित्व करने भेजा। मोदी ने 9 अक्टूबर को ट्रंप को फोन कर गाजा शांति योजना की सफलता पर बधाई दी और व्यापार वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की। सोमवार को मोदी ने एक्स पर बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और कहा, “उनकी रिहाई उनके परिवारों की बहादुरी, राष्ट्रपति ट्रंप के अथक शांति प्रयासों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का सम्मान है। हम क्षेत्र में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं।” ट्रंप ने हाल ही में मोदी को एक हस्ताक्षरित फोटो भेजा, जिसमें लिखा था, “श्री प्रधानमंत्री, आप महान हैं।”
भारत-पाकिस्तान संघर्ष की पृष्ठभूमि:
यह घटना अप्रैल-मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के संदर्भ में आई। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए, जिसके जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचों पर हमला किया गया। चार दिनों की मिसाइल और ड्रोन लड़ाई के बाद, 10 मई को पाकिस्तानी डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर संघर्ष समाप्त करने का समझौता किया। पाकिस्तान ने ट्रंप की भूमिका का दावा किया, लेकिन भारत ने इसे द्विपक्षीय बताया।
सोशल मीडिया और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं:
सोशल मीडिया पर इस घटना की चर्चा जोरों पर रही। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा कि शरीफ “ट्रंप को ‘डैडी’ कहने से चूक गए, जो चाटुकारिता को पूरा करता।” पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने इसे “पाकिस्तान से जुड़ी हास्यास्पद कॉमेडी” बताया और कहा कि मोदी की अनुपस्थिति से भारत की गरिमा बची। उन्होंने लिखा, “ट्रंप ने शरीफ को अपमानित किया, पाकिस्तान से अपने पसंदीदा फील्ड मार्शल का जिक्र करके, जो अनुपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि उनके लिए मुनीर शरीफ से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।” मेलोनी की प्रतिक्रिया भी वायरल हुई।
यह घटना वैश्विक कूटनीति में ट्रंप की शैली को दर्शाती है, जहां उन्होंने शांति प्रयासों को बढ़ावा देते हुए क्षेत्रीय संबंधों पर टिप्पणियां कीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया को गति दे सकती है, लेकिन द्विपक्षीय बातचीत पर जोर रहेगा।
