
श्रीनगर/पुलवामा/शोपियां: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 48 घंटों के भीतर दो अलग-अलग मुठभेड़ों में छह आतंकवादियों को मार गिराया है। ये मुठभेड़ पुलवामा जिले के त्राल और शोपियां क्षेत्रों में हुईं, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तोइबा (LeT) जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के सदस्य शामिल थे।
त्राल में जैश के तीन आतंकवादी ढेर:
गुरुवार को, सुरक्षाबलों ने पुलवामा जिले के त्राल इलाके में एक सफल मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के ठिकाने की सटीक जानकारी मिली थी, जिसके बाद घेराबंदी करके कार्रवाई की गई।
शोपियां में लश्कर के मॉड्यूल का सफाया:
इससे पहले, मंगलवार को शोपियां में सुरक्षाबलों ने एक अन्य सफल ऑपरेशन में लश्कर-ए-तोइबा के एक मॉड्यूल के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में लश्कर की गतिविधियों को एक बड़ा झटका दिया।
पहलगाम हमले के बाद तेज हुई कार्रवाई:
यह उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सेना पूरे कश्मीर में आतंकवादियों के सफाए के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसके तहत, विभिन्न क्षेत्रों में लगातार तलाशी और विशेष ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
सुरक्षाबलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस:
श्रीनगर में आज आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, कश्मीर के आईजीपी (महानिरीक्षक पुलिस) वी.के. बिरदी ने इन सफल ऑपरेशनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में सुरक्षाबलों ने शोपियां और त्राल में दो बहुत ही सफल ऑपरेशन किए हैं, जिनमें कुल छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षाबलों के पास मौजूद आतंकवादियों की सूची में से छह को निष्प्रभावी कर दिया गया है और अभी भी आठ अन्य आतंकवादियों की तलाश जारी है।
ऑपरेशन की सफलता का कारण:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से सुरक्षाबलों को इन आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। त्राल में हुई मुठभेड़ में, जैसे ही आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों को देखा, उन्होंने तुरंत गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।
स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग:
मेजर जनरल धनंजय जोशी ने ऑपरेशन की सफलता में स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि 12 मई को सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के बारे में इनपुट मिला था, हालांकि वे काफी ऊंचाई पर छिपे हुए थे। जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षाबलों ने सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान शुरू किया और उनकी पहचान स्थापित की। तलाशी अभियान के दौरान, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद, त्राल क्षेत्र में एक-एक घर की तलाशी ली गई। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में, सुरक्षाबलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नागरिक ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अंततः, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। मारे गए छह आतंकवादियों में से एक, शाहिद कुट्टे, दो बड़े हमलों में शामिल था, जिसमें एक जर्मन पर्यटक पर हमला भी शामिल था। मेजर जनरल जोशी ने जोर देकर कहा कि पूरे तलाशी अभियान के दौरान स्थानीय लोगों से अच्छा समर्थन मिला।
आगे की रणनीति:
सुरक्षाबलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में आतंकवाद के पूरी तरह से खात्मे तक उनके अभियान जारी रहेंगे। फरार आठ आतंकवादियों की तलाश तेज कर दी गई है और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है ताकि आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल किया जा सके।
इन सफल ऑपरेशनों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के हौसले को पस्त किया है और सुरक्षाबलों की क्षमता और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है। स्थानीय लोगों का सहयोग सुरक्षाबलों के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभरा है, जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक साबित हो रहा है।
