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भोपाल: भोपाल जिला प्रशासन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के निर्माण को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। आज राजधानी में राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने तहसील हुजूर क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया, जिसके तहत कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

ग्राम छावनी पठार में बड़ी कार्रवाई:
अभियान के दौरान, ग्राम छावनी पठार में लगभग 3 एकड़ की बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, इसी क्षेत्र में बन रही एक अवैध कॉलोनी, जिसका नाम ग्रीनवुड फार्म बताया गया है, के निर्माण कार्य को भी बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

मयूरी गार्डन और रॉयल रिसोर्ट पर भी चला बुलडोजर:
प्रशासन की संयुक्त टीमों ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए मयूरी गार्डन (बरखेड़ा नाथू) और रॉयल रिसोर्ट में हो रहे अवैध निर्माणों को भी निशाना बनाया और उन्हें तोड़ दिया। इन क्षेत्रों में भी सरकारी नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने सख्ती से रोका।

ग्राम कोड़िया में 5 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त:
एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में, ग्राम कोड़िया में लगभग 5 एकड़ की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। यह कदम सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पहले भी हुई थी करोड़ो की अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त:
गौरतलब है कि इससे पहले भी भोपाल के कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया था। इस दौरान जेसीबी की मदद से लगभग 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया था। यह भूमि ग्राम बिशनखेड़ी, पटवारी हल्का नंबर-10 में स्थित थी, जिसके खसरा क्रमांक 14/2 रकबा 1.00 हेक्टेयर और खसरा क्रमांक 15/2 रकबा 0.652 हेक्टेयर पर शुभम साहू और नजमा पत्नी हसीन खां द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। इस भूमि की अनुमानित सरकारी कीमत लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपए आंकी गई थी।

अन्य अवैध निर्माण भी धराशायी:
इसके अतिरिक्त, ग्राम बिशनखेड़ी में ही खसरा क्रमांक 139, रकबा 0.600 हेक्टेयर पर जियाबाई पत्नी दौलत सिंह, गोपाल सिंह, पवन और हेमराज द्वारा एक अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था, जिसकी सरकारी कीमत लगभग 40 लाख रुपए आंकी गई थी। इस अवैध निर्माण को भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन की सख्त चेतावनी:
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण और अवैध प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे बिना वैध अनुमति के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह व्यापक कार्रवाई भोपाल में अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और नियमों का पालन सर्वोपरि है।