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रिपोर्टर: उपेन्‍द्र सिंह चौहान

Lucknow : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी को मापने के लिए एक बड़ी और व्यवस्थित पहल की है। प्रदेश के नियोजन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘वूमेन इकोनॉमिक एंपावरमेंट इंडेक्स 2.0’ (Women Economic Empowerment Index 2.0) जारी किया है। इसके माध्यम से 15 प्रमुख सरकारी विभागों के 49 तय संकेतकों (Indicators) के आधार पर महिलाओं की उद्यमिता, रोजगार, आजीविका और कौशल विकास में भागीदारी का जिलावार विस्तृत डेटा विश्लेषण किया जा रहा है।

30 प्रतिशत महिला भागीदारी का लक्ष्य और 5 कमजोर जिलों पर फोकस

Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागीय कल्याणकारी योजनाओं में महिलाओं की कम से कम 30 प्रतिशत भागीदारी का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। समीक्षा बैठकों के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सूचकांक में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले 5 प्रदर्शन वाले जिलों पर विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही हर विभाग को जेंडर एक्शन प्लान (Gender Action Plan) तैयार कर उसे लागू करने को कहा गया है ताकि योजनाओं का सीधा फायदा हर स्तर पर महिलाओं तक पहुंच सके।

पांच प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर सशक्तीकरण का भारांक (Weightage)

Lucknow महिला आर्थिक सशक्तीकरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे पांच मुख्य श्रेणियों में विभाजित कर मूल्यांकन किया जा रहा है:

  1. शिक्षा एवं कौशल विकास: 22.4% वेटेज
  2. उद्यमिता (Entrepreneurship): 22.1% वेटेज
  3. रोजगार: 21.9% वेटेज
  4. आजीविका: 17.4% वेटेज
  5. आवागमन, सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचा: 16.1% वेटेज

इस व्यवस्था के तहत ओडीओपी (ODOP), विश्वकर्मा श्रम सम्मान, पीएम स्वनिधि और स्वयं सहायता समूहों जैसी प्रमुख योजनाओं में महिलाओं की वास्तविक उपस्थिति का आकलन हो रहा है।

स्वयं सहायता समूह, एमएसएमई और स्ट्रीट वेंडर्स में अभूतपूर्व वृद्धि

Lucknow ग्रामीण विकास और एमएसएमई (MSME) विभाग के हालिया आंकड़े बताते हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है:

  • स्वयं सहायता समूह (SHG): रिवॉल्विंग फंड की उपलब्धि में महिलाओं की भागीदारी 2023-24 के 38% से बढ़कर 2025-26 में 65.3% हो गई है।
  • महिला उद्यमी: उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत महिला उद्यमियों की संख्या 1.87 लाख से बढ़कर 2.90 लाख पहुंच गई है।
  • ओडीओपी एवं विश्वकर्मा योजना: ओडीओपी टूलकिट में महिलाओं की भागीदारी 63.1% और विश्वकर्मा श्रम सम्मान में 63.3% दर्ज की गई।
  • पीएम स्वनिधि योजना: डिजिटल रूप से सक्रिय महिला स्ट्रीट वेंडर्स का अनुपात 54% से बढ़कर 69% हो गया है।

27 संकेतकों में सकारात्मक रुझान और डिजिटल डैशबोर्ड से निगरानी

Lucknow इंडेक्स में शामिल 45 विश्लेषित संकेतकों में से 27 पर सकारात्मक सुधार देखा गया है, जबकि एमएसएमई विभाग के सभी 5 संकेतकों में बेहतरीन प्रगति दर्ज की गई है। जिलों के प्रदर्शन में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने के लिए नियोजन विभाग के प्लेटफॉर्म पर विशेष डैशबोर्ड बनाया गया है तथा विभागीय नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। नियमित निगरानी से योजनाओं की कमियों को दूर कर नीतिगत सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिल रही है।

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