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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, सुपौल के तत्वावधान में मंगलवार (03 नवंबर 2026) को ‘जल-जीवन-हरियाली दिवस’ का विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के बीच जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति गहरी जन-जागरूकता फैलाना था।

जल संचयन और भू-जल स्तर सुधार पर विशेष जोर

Supaul कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जल संचयन, वर्षा के पानी को सहेजने, भू-जल स्तर में तेजी से हो रहे सुधार और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके अलावा, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए यह समझाया गया कि कैसे जन-भागीदारी के माध्यम से हरित संसाधनों के संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

Supaul इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से श्री अनित कुमार (निदेशक, एनईपी, डीआरडीए, सुपौल), श्री संजय कुमार (जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, सुपौल), श्री कृष्ण कांत सिंह (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी), श्री शक्ति रंजन (मत्स्य विकास पदाधिकारी, सुपौल), पंचायती राज के प्रतिनिधि और श्री वरुण देव राय (तकनीकी सहायक, डीआरडीए, सुपौल) शामिल रहे।

जन-जन तक पहुँचाया गया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

Supaul कार्यक्रम के अंत में सभी ने ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के मूल उद्देश्यों को घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग और धरती को हरा-भरा बनाए रखने का संदेश दिया गया।

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