रिपोर्टर: संजय राठौर
Jabalpur : मध्य प्रदेश के जबलपुर और दमोह में पदस्थ वाणिज्यिक कर (GST) अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर लोकायुक्त संगठन ने मंगलवार सुबह अचानक छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की आय और उनके द्वारा किए गए खर्च में भारी अंतर सामने आया है। लोकायुक्त के मुताबिक, अधिकारी की कुल वैध कमाई करीब 1.03 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि उनका कुल व्यय लगभग 3.78 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जबलपुर, भोपाल से लेकर सागर तक अचल संपत्तियों का जखीरा
Jabalpur लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई शहरों में बेहिसाब संपत्तियां दर्ज हैं। जबलपुर में मनीष कुमार जैन और उनकी पत्नी निधि जैन के नाम पर करोड़ों रुपए की जमीन और कई प्लॉट मिले हैं। इसके अलावा भोपाल में एक शानदार बंगला, एक फ्लैट और अन्य प्लॉट का भी पता चला है। यही नहीं, उनके माता-पिता के नाम पर सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई मकान और प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है, जिनकी खरीद के स्रोतों की गहनता से जांच की जा रही है।
कार, लाखों की बीमा पॉलिसियां और अनुपातहीन व्यय का बड़ा खुलासा
Jabalpur छापेमारी के दौरान लोकायुक्त टीम को संपत्तियों के अलावा वाहन और महंगे निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारी की पत्नी के नाम पर कार और दोपहिया वाहन के साथ-साथ परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम करीब 33.94 लाख रुपए की भारी-भरकम बीमा पॉलिसियां भी पाई गई हैं। लोकायुक्त की गणना के अनुसार, अधिकारी की आय के मुकाबले उनके खर्च का अनुपात 264 प्रतिशत से अधिक है, जो सीधे तौर पर आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले की ओर इशारा करता है।
तीन विशेष टीमों द्वारा दस्तावेजों की जांच जारी, दर्ज हुआ मामला
Jabalpur इस बहुआयामी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लोकायुक्त ने डीएसपी और निरीक्षकों के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया था। सुबह 6 बजे शुरू हुई यह छापेमारी जबलपुर, भोपाल और सागर स्थित ठिकानों पर एक साथ की गई। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और अब बैंक खातों, संपत्तियों की रजिस्ट्री तथा निवेश से जुड़े तमाम दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि इतनी बड़ी धनराशि के असली स्रोतों का पर्दाफाश किया जा सके।

