Fake currency racket busted in DungarpurFake currency racket busted in Dungarpur
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Fake currency racket busted in Dungarpur:राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मशहूर वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरणा लेकर नकली भारतीय मुद्रा (Fake Currency) तैयार कर रहा था। पुलिस ने ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का जाल राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था।

वेब सीरीज ‘फर्जी’ से मिला था नकली नोट छापने का आइडिया

Fake currency racket busted in Dungarpur:पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि हरियाणा के अंबाला निवासी आनंद राजपूत को यह खतरनाक आइडिया लोकप्रिय वेब सीरीज ‘फर्जी’ को देखकर आया था। इसके बाद उसने फोटोशॉप सॉफ्टवेयर और यूट्यूब वीडियो की मदद से नकली नोट तैयार करने की तकनीक सीखी। गिरोह के सदस्यों ने जाली नोट छापने के लिए विशेष प्रकार के कागजों और डिजिटल फाइलों का इस्तेमाल किया, जिन्हें पूरी तरह ऑनलाइन माध्यमों से मंगाया गया था।

इस तरह हुआ पूरे नेटवर्क का खुलासा

Fake currency racket busted in Dungarpur:इस मामले की शुरुआत 29 सितंबर को हुई, जब डूंगरपुर के माडा स्कूल ग्राउंड के पास पुलिस ने भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया। उनके पास से कुल 4,95,500 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए। इन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को इस बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का सुराग मिला और पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक दबोचे गए शातिर आरोपी

Fake currency racket busted in Dungarpur:डूंगरपुर पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी सहायता और सर्विलांस के आधार पर विभिन्न राज्यों में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  • रवि कुमार मिश्रा (मास्टरमाइंड): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला मुख्य आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया था। पुलिस ने करीब 1300 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से धर दबोचा।
  • आनंद राजपूत: हरियाणा के अंबाला का रहने वाला यह वही शख्स है, जिसने वेब सीरीज से आइडिया लेकर इस पूरी योजना की रूपरेखा तैयार की थी।
  • मोहम्मद आरिफ: उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला यह आरोपी टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ चैनल के माध्यम से नकली नोट छापने के लिए विशेष कागज सप्लाई करता था।
  • तरुण मालेकर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग का रहने वाला यह आरोपी 500 रुपये के नोट की डिजिटल फाइल उपलब्ध कराने में शामिल था।
  • भावेश खटीक और नयन जोशी: डूंगरपुर के रहने वाले ये दोनों स्थानीय आरोपी नकली नोटों को बाजार में खपाने और सप्लाई करने का काम करते थे।

पुलिस की बड़ी सफलता और आगे की जांच

Fake currency racket busted in Dungarpur:पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में डूंगरपुर पुलिस, साइबर सेल और विशेष टीमों ने मिलकर इस बहुराज्यीय ऑपरेशन को सफलतापर्वक अंजाम दिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीमों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने जाली नोट छापे हैं और उन्हें किन-किन इलाकों में खपाया गया है।

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