रिपोर्टर: आलोक भारद्वाज
Bhind : मध्य प्रदेश के भिंड जिले से पंचायत स्तर पर हुए बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत गोहद की ग्राम पंचायत एंडोरी में शासकीय धनराशि के दुरुपयोग और हेरफेर के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत ने तत्काल प्रभाव से कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित पंचायत सचिव रामवीर सिंह चौहान को निलंबित कर दिया है।
15वें वित्त आयोग की राशि में भारी अनियमितता
जिला पंचायत द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (क्रमांक 6166) के अनुसार, सचिव पर 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत की गई ₹29,94,168 (लगभग 30 लाख रुपये) की विशाल राशि को नियमों के विरुद्ध जाकर व्यय करने का गंभीर आरोप है। इसके अतिरिक्त, पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के दौरान भंडार क्रय नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने और शासकीय धन के गबन के साक्ष्य पाए गए हैं।
जनपद सीईओ की रिपोर्ट पर हुई त्वरित कार्रवाई
ग्राम पंचायत एंडोरी में हुई इस बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा गोहद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में हुआ था। जनपद सीईओ की विस्तृत रिपोर्ट और अनुशंसाओं के आधार पर जिला पंचायत प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
विभागीय जांच के आदेश, गोहद सीईओ बने जांच अधिकारी
प्रशासकीय निलंबन के साथ ही सचिव रामवीर सिंह चौहान के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। निष्पक्ष और गहराई से मामले की जांच सुनिश्चित करने के लिए गोहद जनपद पंचायत के सीईओ को ही जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के तहत आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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