Govindpuri firing:दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ गुरुवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें ताबड़तोड़ फायरिंग और चाकूबाजी की गई। इस हिंसक झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
Govindpuri firing:पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गोविंदपुरी इलाके में गुरुवार रात करीब एक बजे दो पक्षों के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। इस दौरान बदमाशों ने हथियार निकाल लिए और जमकर फायरिंग व चाकूबाजी की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत पीसीआर कॉल के जरिए पुलिस टीम मौके पर पहुँची।
तीन लोग हुए घायल, अस्पताल में इलाज जारी
Govindpuri firing:इस खूनी संघर्ष में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
- संजू भेषधारी उर्फ कुमार भेषधारी: इन्हें गोली लगी है, जिनका इलाज सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में चल रहा है।
- नितिन (23): इन्हें गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल वे एम्स ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती हैं।
- मंसूर आलम (40): इन्हें मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मूर्ति विसर्जन और पुरानी रंजिश का एंगल
Govindpuri firing:शुरुआती जाँच में पुलिस को अंदेशा है कि इस पूरी वारदात के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य कारण हो सकती है। स्थानीय लोगों और घायलों के परिजनों के अनुसार, इलाके में उत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ भारी भीड़ जमा थी।
घायल नितिन की माँ सुमन ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा घर पर खाना खा रहा था और अचानक किसी काम से बाहर गया था। कुछ देर बाद उन्हें सूचना मिली कि नितिन को गोली और चाकू मारे गए हैं। शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई मज़ाक कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। किसी ने ऑटो की मदद से नितिन को अस्पताल पहुँचाया। परिवार अभी तक यह स्पष्ट रूप से नहीं जान पाया है कि इस हमले की असल वजह क्या थी।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
Govindpuri firing:घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने छानबीन कर दो खाली कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान और धरपकड़ के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान यह विवाद अचानक भड़का था या इसके पीछे किसी गहरी साजिश का हाथ था। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

