रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Kanker : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से कराए जा रहे टीनशेड निर्माण कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बसंत यादव ने इन कार्यों की गुणवत्ता, टेंडर आवंटन और बजट के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि का भारी दुरुपयोग हो रहा है और जनता के पैसों का हिसाब पारदर्शी होना चाहिए।
100 करोड़ के बजट और ठेका आवंटन में धांधली की आशंका
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बसंत यादव के अनुसार, भानुप्रतापपुर, कोयलीबेड़ा और दुर्गूकोंदल समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में DMF की मदद से बड़े पैमाने पर टीनशेड का निर्माण किया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट्स पर अनुमानित 50 से 100 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायतों को केवल कागजों पर एजेंसी बनाकर असल काम चहेते ठेकेदारों को सौंपा जा रहा है, जिससे काम आवंटन की पूरी प्रक्रिया संदेहास्पद हो गई है।
बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर टीनशेड पर पैसे बहाने पर सवाल
बसंत यादव ने कहा कि जिले के खनन प्रभावित इलाके आज भी सड़क, पीने के पानी, बेहतर इलाज, शिक्षा और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में इतनी बड़ी रकम को बुनियादी सुविधाओं के बजाय टीनशेड निर्माण पर खर्च करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया, यह समझ से परे है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वह स्पष्ट करे कि यह फैसला किन प्राथमिकताओं के तहत लिया गया है।
निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच और कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि DMF से स्वीकृत सभी टीनशेड निर्माण कार्यों की लागत, वास्तविक खर्च और संबंधित एजेंसियों की सूची तुरंत सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र तकनीकी टीम से जांच कराने, टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करने और भविष्य में DMF बजट का इस्तेमाल खनन प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के आधार पर करने की मांग की गई है।

