Mumbai crime branch organized crime:मुंबई में हुई हालिया फायरिंग और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिसमें होटल के कमरे में मिसफायर होने से लेकर सूरत में हथियार छिपाए जाने तक की बातें शामिल हैं।
जांच के दौरान होटल के कमरे में हुआ था मिसफायर
Mumbai crime branch organized crime:पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने से पहले अभ्यास के दौरान गोली चलाने में पूरी तरह सफल रहे थे। जांच में यह बात भी सामने आई है कि अंधेरी के जिस होटल में आरोपी ठहरे हुए थे, वहां कमरे में बंदूक की जांच करते वक्त अचानक मिसफायर हो गया था।
इस दौरान गोली सीधे बेड पर जा लगी। गनीमत यह रही कि इस घटना के बावजूद होटल के किसी भी कर्मचारी या बाहर मौजूद व्यक्ति को कमरे के अंदर गोली चलने की भनक तक नहीं लगी, जिससे आरोपी अपनी साजिश को छुपाने में कामयाब रहे।
सूरत में छुपाए गए हथियार और मोबाइल फोन
Mumbai crime branch organized crime:मुंबई पुलिस अब आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर फायरिंग की प्रैक्टिस वाली जगहों और वारदात से पहले की गई तमाम तैयारियों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद जब आरोपी सूरत पहुंचे, तो उन्होंने वहीं किसी सुरक्षित स्थान पर बंदूक और अपने मोबाइल फोन छुपा दिए थे। आरोपियों के खुलासे के बाद अब मुंबई पुलिस स्थानीय सूरत पुलिस की मदद से उन जगहों की पुष्टि कर रही है और हथियार व फोन को बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
आरोपियों पर जोड़ी गई बीएनएस की धारा 111
Mumbai crime branch organized crime:इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी शिकंजा कसते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़क धारा 111 लगा दी है, जो संगठित अपराध यानी ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम’ से जुड़ी हुई है। इससे पहले इस मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे, लेकिन संगठित अपराध की धारा जुड़ने से आरोपियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।

