रिपोर्टर: गनेश सिंह
CJP : जंतर-मंतर पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने और विरोध प्रदर्शन करने के मामले में रिहा हुए सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से रिहाई मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने इस मामले से जुड़ी दोनों प्राथमिकियों (FIRs) की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
7 दिनों की हिरासत के बाद SEM कोर्ट से मिली थी रिहाई
दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर को ‘नो-प्रोटेस्ट जोन’ घोषित करते हुए विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन अन्य नए स्थान तय किए थे। इसके बावजूद, अगले ही दिन 14 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे और वहां तिरंगा फहराया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में हिरासत अवधि को 2 दिन और बढ़ाया गया। बुधवार को पुलिस ने 3 दिन की और कस्टडी मांगी, जिसे SEM कोर्ट ने खारिज करते हुए दोनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दे दिया।
क्राइम ब्रांच करेगी दो अलग-अलग मामलों की जांच
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने और प्रदर्शन करने के आरोप में कुल 14 लोगों को पकड़ा गया था और दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मंगलवार को इन दोनों मामलों की जांच आधिकारिक तौर पर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई। अब क्राइम ब्रांच इन CJP नेताओं से जंतर-मंतर पर एकत्र होने और नियमों के उल्लंघन के संबंध में गहन पूछताछ करेगी।
हाईकोर्ट से याचिका वापस: कोर्ट ने दी थी सख्त हिदायत
इससे पहले, SEM कोर्ट के हिरासत आदेश के खिलाफ दोनों नेताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बार-बार पर्सनल बॉन्ड का उल्लंघन करने पर याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाई। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए दोनों नेताओं की उम्र पूछी और कहा कि “आप Gen-Z (युवा) नहीं हैं, जिम्मेदारी समझें।” अदालत के कड़े रुख को देखते हुए CJP नेताओं ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली थी।

