Ramkumar Singh MurderRamkumar Singh Murder
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Ramkumar Singh Murder: बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में हुए बहुचर्चित पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और हत्यारोपियों समेत कुल तीन लोगों को धर दबोचा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर गया है, जो वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस की पकड़ से दूर भागने की फिराक में थे।

कोलकाता और आरा से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

Ramkumar Singh Murder: भोजपुर पुलिस अधीक्षक (SP) अवधेश दीक्षित ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए सदर एसडीपीओ-वन सुशील कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्य और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चंदन सिंह और उसके सहयोगी अभिषेक यादव को पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी फ्लाइट के जरिए बेंगलुरु भागने की योजना बना रहे थे।

इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने आरा से तीसरे आरोपी टीपू कुमार को भी दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में चंदन सिंह (बड़की सिंगही), अभिषेक यादव (बिंद टोली) और सरकारी अमीन के रूप में कार्यरत टीपू कुमार (चंदवा हाउसिंग कॉलोनी) शामिल हैं। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी चंदन के घर से एक संदिग्ध पिस्टल भी बरामद की गई है, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इस मामले में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

मॉर्निंग वॉक के दौरान दिया गया था वारदात को अंजाम

Ramkumar Singh Murder: यह पूरी घटना आरा के कनकपुरी मोहल्ले की है, जहां गत गुरुवार की सुबह करीब छह बजे क्षत्रिय कल्याण संघ के अध्यक्ष और पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह अपनी दिनचर्या (मॉर्निंग वॉक) के लिए घर से बाहर निकल रहे थे। जैसे ही उन्होंने अपनी कार निकाली और गैराज का दरवाजा बंद करने लगे, पहले से घात लगाकर बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उन्हें बेहद नजदीक से 7 से 8 गोलियां मारी गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

मृतक के बेटे अमित कुमार उर्फ गोल्डी के बयान पर नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस प्राथमिकी में चंदन सिंह, मुफस्सिल के तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राम कल्याण यादव और राजस्व कर्मचारी विष्णु देव सिंह समेत कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने गोली चलाने वालों के साथ-साथ इस खौफनाक साजिश में शामिल अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

बेहद शातिर तरीके से रची गई थी खून की साजिश

Ramkumar Singh Murder:पुलिस जांच में एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड को किसी आवेश में नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।

  • साक्ष्यों को छुपाने की कोशिश: वारदात से 20-25 दिन पहले ही मुख्य आरोपी चंदन सिंह ने अपने बैंक खाते की सारी रकम निकालकर अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दी थी।
  • परिवार को किया सुरक्षित: पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने अपने परिवार के सदस्यों को पहले ही शहर से बाहर भेज दिया था।
  • फर्जी पहचान का इस्तेमाल: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने नए मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदे। इसके अलावा, सिलीगुड़ी के एक होटल में ठहरने के दौरान भी इन्होंने अपनी पहचान छिपाई और फर्जी नामों का इस्तेमाल किया। एयरपोर्ट पर पकड़े जाने पर भी वे पुलिस को गुमराह करने के लिए गलत नाम बता रहे थे।

जमीन पर कब्जे की नीयत से बना खूनी खेल

Ramkumar Singh Murder:पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला एक बड़े भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक रामकुमार सिंह का बड़की सिंगही स्थित जमीन पर वर्ष 2006 से मालिकाना हक था और उन्होंने सन् 2020 में उस पर बाउंड्री भी करवाई थी। आरोप है कि विरोधी गुट ने वर्ष 2025 में पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए उस जमीन को अन्य लोगों को बेचना शुरू कर दिया था।

एसपी ने बताया कि जिले में कुछ ऐसे संगठित भू-माफिया सक्रिय हैं जो जमीनों के मूल दस्तावेजों में हेराफेरी कर अवैध कब्जा जमाने का प्रयास करते हैं। ऐसे तमाम अपराधियों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। पुलिस इस मामले में अदालत के समक्ष जल्द ही पुख्ता चार्जशीट दाखिल करेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस केस का स्पिट ट्रायल (शीघ्र सुनवाई) चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।

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