Delhi Police NCRDelhi Police NCR
Spread the love

रिपोर्टर: गनेश सिंह

Delhi Police NCR : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के वरिष्ठ नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत अर्जी पर जारी सुनवाई के बीच एक बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की आधिकारिक शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ नॉन-काग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर ली है। मजिस्ट्रेट ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर, सीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस घटनाक्रम की वजह से जमानत याचिका पर मुख्य बिंदु से ध्यान भटका दिया गया।

स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को मिली धमकी, अज्ञात लोगों के खिलाफ NCR दर्ज

Delhi Police NCR दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की तरफ से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गैर-संज्ञेय अपराध (NCR) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, शिकायत की विस्तृत सामग्री और धमकी देने वाले के संदर्भ में पुलिस अभी जांच की बात कह रही है।

सुबह से चल रहा था इंतजार, सीजेपी ने लगाया सुनवाई टालने का आरोप

Delhi Police NCR सीजेपी की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस पूरी सुनवाई प्रक्रिया और देरी को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने बताया कि उनकी कानूनी टीम सुबह से ही आवश्यक दस्तावेजों और सत्यापन के साथ उपस्थित थी और 12 बजे सुनवाई का समय तय किया गया था। उनका आरोप है कि दोपहर 1:30 बजे पुलिस स्टेशन में मौजूद होने के बावजूद मजिस्ट्रेट शाम 5 बजे तक कोर्ट में नहीं पहुंचे। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट के भीतर ही कथित धमकी का मामला सामने रख दिया गया, जिससे रिहाई की मुख्य मांग पर चर्चा ही रुक गई।

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश के मामले में हिरासत में लिए गए थे दोनों नेता

Delhi Police NCR उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने के अगले दिन सौरव दास और आशुतोष रांका अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचे थे और तिरंगा फहराया था। इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

ये भी पढ़े: जबलपुर के मेले में रील बनाने के दौरान बड़ा हादसा: चलते झूले का गेट खुलने से नीचे गिरे दो बच्चे, बच्ची गंभीर रूप से घायल