By: Ravindra Singh
Hands Numb : क्या रात में सोते समय अचानक आपके हाथ सुन्न हो जाते हैं? क्या हाथों में झनझनाहट या सुई चुभने जैसा महसूस होता है? कई बार लोग इसे सोने की गलत मुद्रा का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। आमतौर पर हाथ पर दबाव पड़ने से ऐसा हो सकता है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका भी हो सकती है।
नसों पर दबाव, गर्दन की समस्या, डायबिटीज से नसों को नुकसान और कार्पल टनल सिंड्रोम इसके संभावित कारणों में शामिल हैं। फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील अग्रवाल के बताए गए कारणों के आधार पर जानिए रात में हाथ सुन्न होने की वजहें, बचाव के उपाय और किन लक्षणों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
1. गलत पोजीशन में सोने से सुन्न हो सकते हैं हाथ
Hands Numb रात में सोते समय अगर आप लंबे समय तक एक ही करवट में रहते हैं या हाथ को सिर अथवा शरीर के नीचे दबाकर सोते हैं, तो नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे हाथों में कुछ समय के लिए सुन्नपन, झनझनाहट या भारीपन महसूस हो सकता है।
आमतौर पर हाथ की स्थिति बदलने और उसे धीरे-धीरे हिलाने से राहत मिल जाती है। हालांकि, अगर हाथों का सुन्न होना नियमित रूप से हो रहा है, तो इसे केवल सोने की मुद्रा से जुड़ी समस्या मानना सही नहीं है।
2. गर्दन की समस्या भी हो सकती है वजह
Hands Numb गर्दन की हड्डियों और उनके बीच मौजूद डिस्क में बदलाव के कारण नसों पर दबाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गर्दन से कंधे और हाथ तक दर्द या झनझनाहट महसूस हो सकती है।
यदि हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या उंगलियों में कमजोरी भी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। लक्षणों के आधार पर चिकित्सक उचित जांच की सलाह दे सकते हैं।
3. डायबिटीज के कारण भी हो सकती है परेशानी
Hands Numb डायबिटीज लंबे समय तक नियंत्रित न रहने पर शरीर की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके कारण हाथों और पैरों में सुन्नपन, जलन, झनझनाहट या दर्द हो सकता है।
हालांकि, डायबिटीज से जुड़ी नसों की समस्या अक्सर पैरों में अधिक दिखाई देती है। इसलिए रात में हाथ सुन्न होने के हर मामले को डायबिटीज का लक्षण नहीं मानना चाहिए। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
4. कार्पल टनल सिंड्रोम भी हो सकता है कारण
Hands Numb कार्पल टनल सिंड्रोम कलाई में मौजूद मीडियन नर्व पर दबाव पड़ने के कारण होता है। इस समस्या में विशेष रूप से रात के समय हाथों और उंगलियों में सुन्नपन या झनझनाहट बढ़ सकती है।
इसके लक्षण अक्सर अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में अधिक महसूस होते हैं। कुछ लोगों को हाथों में दर्द, पकड़ कमजोर होने या चीजें पकड़ने में परेशानी का अनुभव भी हो सकता है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
5. रात में हाथ सुन्न होने पर क्या करें?
Hands Numb अगर सोते समय हाथ सुन्न पड़ जाते हैं, तो कुछ सामान्य उपाय मददगार हो सकते हैं। हालांकि, इनसे राहत न मिलने पर जांच करवाना जरूरी है।
- सोने की मुद्रा बदलें: हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबाकर सोने से बचें।
- गर्दन को आराम दें: सोते समय गर्दन को आरामदायक और सीधी स्थिति में रखने की कोशिश करें।
- कोहनी को ज्यादा न मोड़ें: लंबे समय तक कोहनी मोड़कर रखने से कुछ नसों पर दबाव पड़ सकता है।
- हाथ की स्थिति बदलें: सुन्नपन महसूस होने पर धीरे-धीरे हाथ की स्थिति बदलें और हल्की गति दें।
- डॉक्टर से सलाह लें: समस्या बार-बार होने या बढ़ने पर न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
- खुद से दवाएं न लें: डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन सप्लीमेंट या अन्य दवाएं शुरू न करें।
6. हाथ सुन्न होने पर कब तुरंत अस्पताल जाएं?
Hands Numb यदि हाथ में अचानक सुन्नपन के साथ चेहरे का एक हिस्सा झुकने लगे, बोलने में परेशानी हो, एक तरफ हाथ या पैर में कमजोरी आए, देखने में दिक्कत हो या संतुलन बिगड़ जाए, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
अगर हाथों का सुन्नपन लंबे समय तक बना रहता है, बार-बार नींद से जगाता है, दर्द बढ़ रहा है या हाथों की पकड़ कमजोर होने लगी है, तो भी डॉक्टर से जल्द जांच करवाएं।
निष्कर्ष
Hands Numb रात में सोते समय हाथ सुन्न होने की वजह कभी-कभी गलत पोजीशन हो सकती है, लेकिन बार-बार होने वाली झनझनाहट नसों पर दबाव, कार्पल टनल सिंड्रोम, गर्दन की समस्या या डायबिटीज से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकती है। लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय उनके पैटर्न पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लें। अचानक सुन्नपन के साथ स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी समझें।
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